नालंदा मेडिकल कॉलेज–पटना डेंटल कॉलेज के बीच एमओयू

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नालंदा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल&comma; पटना और पटना डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के बीच शोध एवं नैतिक अनुमोदन &lpar;एथिक्स अप्रूवल&rpar; के लिए समझौता ज्ञापन &lpar;एमओयू&rpar; पर हस्ताक्षर किए गए। इस एमओयू के तहत पटना डेंटल कॉलेज के चिकित्सकों&comma; शिक्षकों एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के शोध प्रस्तावों की वैज्ञानिक समीक्षा के बाद उन्हें नालंदा चिकित्सा महाविद्यालय की केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन &lpar;CDSCO&rpar; से मान्यता प्राप्त संस्थागत आचार समिति &lpar;IEC&rpar; के समक्ष नैतिक अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। समिति शोध प्रतिभागियों की सुरक्षा&comma; गोपनीयता&comma; अधिकारों तथा वैज्ञानिक एवं नैतिक मानकों के अनुरूप प्रस्तावों की समीक्षा करेगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एमओयू हस्ताक्षर समारोह में नालंदा चिकित्सा महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ&period; प्रो&period; उषा कुमारी&comma; संस्थागत आचार समिति के सदस्य सचिव डॉ&period; प्रो&period; अजय कुमार सिन्हा&comma; पटना डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉ&period; प्रो&period; तनोज कुमार&comma; अकादमिक इंचार्ज डॉ&period; मुकेश रॉय&comma; प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभागाध्यक्ष डॉ&period; इरफान होदा तथा संस्थागत आचार समिति के सदस्य एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ&period; विकास शंकर उपस्थित रहे। प्राचार्या डॉ&period; उषा कुमारी ने कहा कि यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच वैज्ञानिक सहयोग को नई मजबूती देगा और शोधकर्ताओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान का अवसर प्रदान करेगा। वहीं&comma; डॉ&period; अजय कुमार सिन्हा ने कहा कि किसी भी शोध की सफलता उसकी वैज्ञानिक पद्धति&comma; नैतिकता&comma; पारदर्शिता और शोध प्रतिभागियों की सुरक्षा पर निर्भर करती है। उन्होंने शोध प्रस्तावों के वैज्ञानिक मूल्यांकन और नियामक दिशा-निर्देशों के अनुपालन पर विशेष बल दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पटना डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉ&period; तनोज कुमार ने इस एमओयू को संस्थान के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे शिक्षकों&comma; चिकित्सकों एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान के लिए संस्थागत मार्गदर्शन और नैतिक अनुमोदन की सुव्यवस्थित व्यवस्था मिलेगी। बैठक में शोध प्रस्तावों की विभागीय समीक्षा&comma; सूचित सहमति &lpar;इनफॉर्म्ड कंसेंट&rpar;&comma; गुणवत्ता आश्वासन&comma; शोध प्रलेखन तथा अनुसंधान की सतत निगरानी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। दोनों संस्थानों ने चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा अनुसंधान को समाज और जनस्वास्थ्य के हित में उपयोगी&comma; विश्वसनीय एवं वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने का संकल्प दोहराया। अधिकारियों ने कहा कि यह एमओयू बिहार में अंतर-संस्थागत सहयोग&comma; बहुविषयक अनुसंधान और नैतिक शोध संस्कृति को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

बिहार के हाई स्कूलों में शुरू होंगी ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेज’, सीएम ने किया शुभारंभ

सीएम सम्राट चौधरी ने पटना में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का किया उद्घाटन, रथ की रस्सी खींची

देश भर में भाजपा से जुड़ने की होड़, विकास की राजनीति पर जनता की मुहर : संजय सरावगी‎