जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू को लेकर पीएम के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन

&NewLine;<p><strong>अररिया&lpar;रंजीत ठाकुर&rpar;&colon;<&sol;strong> देश मे यथा शीघ्र जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने को लेकर जनसंख्या समाधान फाउंडेशन अररिया जिला इकाई का 6 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रधानमंत्री के नाम जिला अधिकारी अररिया को एक नों सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा।उक्त जानकारी मांग पत्र सौपें जाने के उपरांत फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष सुबोध मोहन ठाकुर एवं प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार एवं महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष विना देवी ने सयुंक्तरूप से देते हुए कहा है कि सौपें गए पत्र में जनसँख्या नियंत्रण कानून शीघ्र बनाकर जाती धर्म से उपर उठकर देशहित में कानून समान रूप से सभी नागरिकों पर लागू करने कानून के सभी दंडात्मक प्रावधान कानून के अधिसूचित तिथि के एक बर्ष के भीतर तीसरे बच्चे उतपन्न करने वाले माता पिता पर लागु करने के साथ तीसरी संतान उतपन्न करने वाले दम्पति को सभी सरकारी अनुदान&comma; सब्सिडी आदि से तत्प्रभाव से समाप्त कर राजकीय सेवा से भी वंचित किया जाय।कानून तोड़ कर तीसरा संतान उतपत्ति करने वाले माता पिता को मताधिकार से भी वंचित करने कानून एक बार उल्लंघन के बाद दुबारा उल्लंघन कर चौथी संतान उतपत्ति की स्तिथि में 10वर्ष कारावास की सजा देने जाती धर्म सम्प्रदाय से ऊपर उठकर यहप्रावधान रहे किदो जीवित संतान होने की स्तिथि में तलाक होने पर स्त्री या पुरुष कोई भी दूसरी शादी के बाद सन्तानोत्पती के अधिकार वंचित किये जाने के आलावे उक्त मांगो के अनुरूप प्रावधानों को क्रियान्वयन हेतु आवश्यक पड़ने पर संविधान में उपयुक्त संशोधन किया जाय। कहा कि असन्तुलित हो रही समस्या के कारण देश मे आर्थिक&comma; समाजिक&comma; पर्यावरण जैसे अनेक गम्भीर समस्या उतपन्न होरही है।इसी के समाधान हेतु विश्व जनसंख्या दिवस के पूर्व संपूर्ण देश के साथ आज पूरे बिहार में फॉउंडेशन द्वारा यह मांग पत्र सौपा जा रहा है। इस मौके पर जिला अध्यक्ष श्री ठाकुर प्रदेश उपाध्यक्ष श्री कुमार व श्रीमती वीणा देवी के साथ संयोजक सुनील मिश्रा&comma; योगेश मंडल श्रीमती चंपा देवी मौजूद थे।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

हीट स्ट्रोक पर एम्स पटना के शोधकर्ताओं का बड़ा वैज्ञानिक खुलासा

रफ्तार पकड़ता बिहार: पटना में टेक्नोलॉजी सेंटर का हुआ भव्य उद्घाटन

जनगणना 2027 के प्रथम चरण की प्रगति की समीक्षा