बिहार पारा मेडिकल सत्र को नियमित करने के लिए परीक्षा नियंत्रक को सौंपा ज्ञापन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> दो वर्ष की देरी से चल रहे बिहार पारा मेडिकल सत्र को नियमित करने के लिए परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन सौंपा गया हैं। परीक्षा नियंत्रक स्वास्थ्य विभाग को दिए आवेदन में पारा मेडिकल एसोसिएशन ऑफ बिहार के प्रदेश अध्यक्ष भारत भूषण&comma; प्रदेश महासचिव सुरेंद्र कुमार सुमन&comma; कोषाध्यक्ष आशुतोष नंदन&comma; प्रदेश उपाध्यक्ष दिग्विजय सिंह लकी सिन्हा&comma; संगठन प्रभारी कृष्णा कुमार ने संयुक्त रूप से कहा है की राज्य में पारा मेडिकल&sol;पारा डेंटल के विभिन्न कोर्स के सत्र 2021-23 में नामांकित प्रथम वर्ष एवम सत्र 2019-21 के द्वितीय वर्ष के छात्रों की वार्षिक परीक्षा अक्टूबर 2023 में हुई थीं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पारा मेडिकल&sol;पारा डेंटल शिक्षा नियमावली 2005 के अनुसार अधिकतम तीन माह में रिजल्ट प्रकाशित करना है लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी परीक्षा परिणाम नहीं आने से राज्य के पारा मेडिकल छात्रों में आक्रोश व्याप्त है। साथ ही सत्र 2022 -24 के प्रथम वर्ष एवम सत्र 2020-22 द्वितीय वर्ष के छात्रों का परीक्षा फॉर्म नहीं भराने एवम परीक्षा में हो रही देरी की वजह से छात्र काफी परेशान है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राज्य के मेडिकल कॉलेज&sol;पारा मेडिकल कॉलेज में अध्ययन रत अधिकतर छात्र आर्थिक रूप से काफी कमजोर है।कई मेडिकल कॉलेज में छात्रों को छात्रावास की सुविधा भी नहीं मिलती है।बाहर रहने में छात्रों को आर्थिक बोझ भी पड़ता है कई छात्र बीच में पढ़ाई छोड़ जाते है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पारा मेडिकल&sol;पारा डेंटल शिक्षा नियमावली 2005 के नियमानुसार छात्रों को द्वितीय वर्ष में अपीयर होने के लिए सिर्फ 75 प्रतिशत की बाध्यता है जो छात्र प्रथम वर्ष के परीक्षा फॉर्म भरा जाने के बाद भी कर सकते है। लेकिन वर्तमान में सभी मेडिकल कॉलेज और पारा मेडिकल कॉलेज के द्वारा छात्रों को प्रथम वर्ष की परीक्षा परिणाम आने तक शिक्षण प्रशिक्षण से दूर रखा जाता है।जबकि परीक्षा फॉर्म भरने के समय से लेकर रिजल्ट जारी होने तक में लगभग 6 -8 महीने लग जाते है जिस वजह से सत्र एक वर्ष यूं ही लेट हो जाता है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले इन तमाम छात्रों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता जिन्हे कॉलेज के द्वारा छात्रवास मुहैया नहीं कराया जाता है। जो कहीं से उचित नहीं है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>परीक्षा नियंत्रक स्वास्थ्य विभाग छात्रों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए यथा लंबित परीक्षा परिणाम प्रकाशित करे एवम लंबित परीक्षाएं आयोजित करे। साथ ही पारा मेडिकल पारा डेंटल शिक्षा नियमावली अनुसार एक आदेश प्रसारित किया जाए की प्रथम वर्ष के वार्षिक परीक्षा फॉर्म भरने के उपरांत ही द्वितीय वर्ष की गणना सुनिश्चित किया जाए एवम द्वितीय वर्ष की शिक्षण प्रशिक्षण शुरू कराया जाए।जिससे दो वर्ष की देरी से चल रहे सत्र नियमित हो सके।<&sol;p>&NewLine;

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