कैबिनेट का बड़ा फैसला : सासामूसा चीनी मिल के 14 हजार किसानों को मिलेगा 43 करोड़ का बकाया, मिल चालू होने का रास्ता साफ

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> गोपालगंज के सासामूसा चीनी मिल के 14 हजार गन्ना किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में किसानों के वर्षों पुराने बकाये के भुगतान के लिए 42&period;99 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे दी गई है। सरकार के इस ऐतिहासिक कदम से न केवल किसानों को उनका हक मिलेगा साथ ही बंद पड़ी मिल के दोबारा शुरू होने और सूबे में 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का रास्ता भी साफ हो गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कैबिनेट की इस हरी झंडी के बाद लंबे समय से अपने बकाये का इंतजार कर रहे किसानों को अब उनके ईख मूल्य का भुगतान किया जाएगा। सरकार का स्पष्ट मानना है कि इस भुगतान से किसानों की आमदनी में इजाफा होगा और वे फिर से गन्ने की खेती की ओर लौटेंगे। गन्ने की खेती दोबारा शुरू होने से चीनी मिल के फिर से चालू होने की संभावना काफी बढ़ जाएगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>किसानों के हित में है यह फैसला &colon; गन्ना उद्योग मंत्री<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>गन्ना उद्योग मंत्री श्री संजय कुमार ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हित एवं कल्याण के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बंद पड़ी चीनी मिलों का पुनः परिचालन तथा नई चीनी मिलों की स्थापना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। NCLT में लंबित मामलों के शीघ्र समाधान एवं मिलों के संचालन हेतु सरकार विधिसम्मत कार्रवाई कर रही है&comma; जिससे गन्ना किसानों को लाभ मिलेगा तथा राज्य में रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। सासामूसा चीनी मिल के किसानों का बकाया भुगतान हमारी प्राथमिकता सूची में था। कैबिनेट से मिली इस मंजूरी के बाद जल्द ही 14 हजार किसानों के खातों में उनके हक का पैसा जाएगा। इससे न सिर्फ हमारे गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी&comma; बल्कि मिल चालू होने से गोपालगंज और आसपास के इलाकों में रोजगार और समृद्धि के नए द्वार खुलेंगे।&&num;8221&semi;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>रीगा की तर्ज पर सासामूसा में भी सफलता की उम्मीद<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राज्य सरकार की इस वृहद योजना से नये चीनी मिल की स्थापना होगी&comma; जिससे राज्य में चीनी के साथ-साथ इथेनॉल और बिजली के उत्पादन में भी भारी बढ़ोतरी होगी। गौरतलब है कि सरकार ने इससे पहले सीतामढ़ी स्थित रीगा चीनी मिल के किसानों के बकाये के लिए भी 51&period;31 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। एनसीएलटी कोर्ट के फैसले के बाद रीगा मिल का चालू होना संभव हो सका और किसानों को वर्ष 2025 में उनके बकाये का वास्तविक भुगतान कर दिया गया। रीगा की इसी कामयाबी को अब सासामूसा में दोहराने की पूरी तैयारी है।<&sol;p>&NewLine;

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