प्रशासन की बड़ी कार्रवाई 15 एकड़ में लगी अवैध अफीम की खेती नष्ट

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>औरंगाबाद&comma; मंटू कुमार<&sol;strong> &colon; जिले के मदनपुर क्षेत्र में प्रशासन ने नक्सल प्रभावित इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 15 एकड़ में लगी अवैध अफीम की खेती को नष्ट कर दिया। वन विभाग&comma; पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने घने जंगलों में छापेमारी कर इस कार्रवाई को अंजाम दिया।मदनपुर के अति नक्सल प्रभावित बादम पहाड़ के आसपास घने जंगलों में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी अभियान चलाया गया। वन प्रमंडल पदाधिकारी रूचि कुमारी के निर्देश पर वन विभाग&comma; स्थानीय पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से इलाके की घेराबंदी की। दुर्गम पहाड़ी और जंगली क्षेत्र होने के कारण टीम को मौके तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सुरक्षा के व्यापक इंतजाम के बीच करीब 15 एकड़ में अवैध रूप से उगाई गई अफीम की फसल को मौके पर ही विनष्ट कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार&comma; यह खेती लंबे समय से जंगल और नदी-नालों के किनारे छिपाकर की जा रही थी।पुलिस का कहना है कि कई स्थानों पर अफीम की खेती को नक्सली संगठनों का संरक्षण भी मिलता है। अपराधियों और नक्सलियों के गठजोड़ के कारण ग्रामीण इसका खुलकर विरोध नहीं कर पाते। यही वजह है कि प्रशासन समय-समय पर ऐसे इलाकों में विशेष अभियान चलाता है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अधिकारियों के मुताबिक&comma; अवैध अफीम की खेती न केवल कानूनन अपराध है&comma; बल्कि इससे क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था भी प्रभावित होती है। नशे के कारोबार से स्थानीय युवाओं के भटकने का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन ने इसे नक्सल गतिविधियों की आर्थिक कमर तोड़ने की दिशा में अहम कदम बताया है।<&sol;p>&NewLine;

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