नई दरों पर शुरू हुआ जमीन का निबंधन, बढ़ी स्टाम्प ड्यूटी से महंगी हुई खरीद-बिक्री, महिलाओं को अतिरिक्त छूट

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत।<&sol;strong> राज्य सरकार द्वारा निर्धारित संशोधित सर्किल रेट शनिवार से लागू होने के साथ ही फुलवारी शरीफ समेत पूरे बिहार में जमीन और संपत्ति का निबंधन नई दरों पर शुरू हो गया है&period; इससे पहले शुक्रवार से स्टाम्प ड्यूटी में एक प्रतिशत की वृद्धि लागू की गई थी&period; नई व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन की खरीद-बिक्री की लागत बढ़ गई है&comma; जिसका सीधा असर संपत्ति बाजार पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>निबंधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार नई दरों के लागू होने से फुलवारी शरीफ के कई शहरी क्षेत्रों में जमीन के मूल्यांकन में 80 से 100 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है&comma; जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी 50 से 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है&period; बढ़ी हुई दरों के कारण अब जमीन खरीदने वाले लोगों को पहले की तुलना में अधिक राशि खर्च करनी होगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>हालांकि राज्य सरकार ने महिलाओं को राहत देते हुए उनके नाम पर संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प ड्यूटी में मिलने वाली रियायत को 0&period;3 प्रतिशत से बढ़ाकर 0&period;4 प्रतिशत कर दिया है&period; इसके अलावा महिलाओं को निबंधन शुल्क में मिलने वाली एक प्रतिशत की छूट भी यथावत रखी गई है&period; विभाग का मानना है कि इससे महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीद को बढ़ावा मिलेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फुलवारी शरीफ अवर निबंधन कार्यालय को चालू वित्तीय वर्ष में 141 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह का लक्ष्य दिया गया है&period; लेकिन प्रस्तावित सेंट्रलाइज्ड टाउनशिप परियोजना के कारण पुनपुन अंचल के सभी मौजा तथा फुलवारी शरीफ के आठ मौजा में जमीन के निबंधन पर रोक लगाए जाने से विभाग की आय प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है&period; इन क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पूरी तरह ठप है&comma; जिससे आम लोगों और जमीन कारोबार से जुड़े लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नई दरों और निबंधन पर लगी रोक का असर अब बाजार में भी दिखाई देने लगा है&period; पहले जहां फुलवारी शरीफ अवर निबंधन कार्यालय में प्रतिदिन 50 से 60 दस्तावेजों का निबंधन होता था&comma; वहीं वर्तमान में यह संख्या घटकर लगभग 20 के आसपास रह गई है&period; जमीन कारोबारी और खरीदार नई दरों का आकलन करने में जुटे हैं&comma; जिसके कारण बाजार में फिलहाल सुस्ती का माहौल बना हुआ है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>निबंधन विभाग के अनुसार फुलवारी शरीफ मुख्य मार्ग से सटे प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में जमीन का मूल्य काफी बढ़ गया है&period; कई स्थानों पर सर्किल रेट में भारी वृद्धि होने से बाजार मूल्य और सरकारी मूल्यांकन के बीच का अंतर भी कम हुआ है&period; विभाग का मानना है कि इससे राजस्व संग्रह में वृद्धि होगी और जमीन की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता आएगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अवर निबंधक मोहम्मद शकील रजा ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार शुक्रवार से बढ़ी हुई स्टाम्प ड्यूटी की वसूली शुरू कर दी गई थी&comma; जबकि शनिवार से नई दरों के अनुसार निबंधन किया जा रहा है&period; उन्होंने कहा कि कार्यालय को मिले राजस्व लक्ष्य को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं&period; साथ ही प्रत्येक दस्तावेज की गहन जांच-पड़ताल की जा रही है ताकि किसी प्रकार की फर्जीवाड़ा या अनियमितता की संभावना न रहे।<&sol;p>&NewLine;

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