मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे जदयू नेताओं को पुलिस ने रोका, थाने पहुंचकर समर्थकों ने जताया विरोध

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित<&sol;strong>। नदियावां में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में अपनी मांग रखने की तैयारी कर रहे जदयू नेताओं और किसानों को पुलिस ने एहतियातन हिरासत में ले लिया&period; इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक और किसान परसा बाजार थाना पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे&period;कुछ देर के लिए थाने पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया&period; सूचना मिलते ही सदर डीएसपी-2 रंजन कुमार मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बताया जाता है कि पुनपुन प्रखंड के किसान और जदयू कार्यकर्ता सेंट्रलाइज्ड टाउनशिप परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाना चाहते थे&period; पुलिस को इसकी भनक मिलने के बाद मंगलवार रात से ही कई लोगों को एहतियातन हिरासत में लेने की कार्रवाई शुरू कर दी गई&period;बुधवार सुबह भी कुछ अन्य लोगों को हिरासत में लेकर परसा बाजार थाना में रखा गया&comma; जहां उन्हें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम समाप्त होने तक रोका गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>हिरासत में लिए गए लोगों में जदयू के पटना जिला ग्रामीण सचिव ओम प्रकाश सिंह&comma; राजेश कुमार&comma; मनीष कुमार&comma; पप्पू कुमार&comma; संजय सिंह और टुट्टू कुमार समेत कई कार्यकर्ता शामिल थे&period;सभी लोग अलग-अलग गांवों से मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी बात रखने पहुंचे थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>थाना पहुंचे किसानों और जदयू नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन करना नहीं था&period; वे केवल मुख्यमंत्री से मिलकर टाउनशिप परियोजना से प्रभावित किसानों की समस्याओं से अवगत कराना चाहते थे&period;उनका कहना था कि भूमि अधिग्रहण के कारण कई परिवार आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं&period; कई किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है और सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना भी कठिन हो गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नेताओं ने कहा कि पूर्व में जब मुख्यमंत्री पुनपुन क्षेत्र के दौरे पर आते थे&comma; तब स्थानीय लोग अपनी समस्याएं सीधे उनके सामने रखते थे और समाधान की उम्मीद भी रहती थी&period;इस बार भी वे प्रभावित किसानों की बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहते थे&comma; लेकिन उन्हें मिलने का अवसर नहीं दिया गया और पहले ही हिरासत में ले लिया गया। सदर डीएसपी-2 रंजन कुमार ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया&period; कार्यक्रम समाप्त होने के बाद हिरासत में लिए गए सभी लोगों को छोड़ दिया गया&period; पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एहतियाती कदम उठाया गया था।<&sol;p>&NewLine;

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