अंतरराष्ट्रीय मंच पर एम्स पटना की एक और उपलब्धि, डॉ. पंकज कुमार ने स्विट्जरलैंड में प्रतिष्ठित पीईटी/सीटी फेलोशिप सफलतापूर्वक की पूर्ण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत।<&sol;strong> एम्स पटना के परमाणु चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष एवं सह प्राध्यापक डॉ&period; पंकज कुमार ने स्विट्जरलैंड के प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ज्यूरिख में आयोजित चार सप्ताह की हाइब्रिड पीईटी&sol;सीटी इमेजिंग फेलोशिप सफलतापूर्वक पूर्ण कर संस्थान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है&period; यह प्रशिक्षण 18 मई से 12 जून 2026 तक आयोजित किया गया&period; यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ज्यूरिख को आणविक इमेजिंग&comma; परमाणु चिकित्सा और सटीक चिकित्सा के क्षेत्र में यूरोप के अग्रणी संस्थानों में गिना जाता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फेलोशिप के दौरान डॉ&period; पंकज कुमार ने अत्याधुनिक पीईटी&sol;सीटी तथा पीईटी&sol;एमआर इमेजिंग तकनीकों&comma; उन्नत कैंसर निदान&comma; आणविक इमेजिंग और नवीनतम रेडियोट्रेसर आधारित जांचों का गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया&period; प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञ व्याख्यान&comma; प्रकरण आधारित चर्चाएं तथा नैदानिक रिपोर्टिंग सत्र शामिल थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रशिक्षण अवधि में उन्होंने 225 से अधिक पीईटी&sol;सीटी जांचों का अध्ययन और विश्लेषण किया&period; इनमें कैंसर रोगियों में व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली एफडीजी पीईटी&sol;सीटी जांचों के अलावा प्रोस्टेट कैंसर&comma; न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर&comma; पार्किन्सन रोग&comma; इंसुलिनोमा तथा पैराथायरॉइड एडेनोमा से संबंधित विशेष रेडियोट्रेसर आधारित उन्नत परीक्षण भी शामिल रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फेलोशिप के अंतर्गत डॉ&period; कुमार को मस्तिष्क इमेजिंग के क्षेत्र में भी विशेष प्रशिक्षण मिला&comma; जिसमें एफडीजी&comma; एफईटी और एमाइलॉइड पीईटी जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है&period; एमाइलॉइड पीईटी अल्जाइमर रोग और अन्य तंत्रिका क्षय संबंधी विकारों के शुरुआती निदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है&period; इसके अतिरिक्त उन्हें पीईटी&sol;एमआर तकनीक से संबंधित जांचों का भी व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ&comma; जो वर्तमान में सटीक चिकित्सा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ज्यूरिख ने डॉ&period; पंकज कुमार की उत्कृष्ट प्रतिबद्धता&comma; सक्रिय सहभागिता और पेशेवर दक्षता की सराहना करते हुए उन्हें फेलोशिप पूर्ण करने का प्रमाणपत्र प्रदान किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए एम्स पटना के कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी प्रो&period; ब्रिगेडियर डॉ&period; राजू अग्रवाल ने डॉ&period; पंकज कुमार को बधाई दी&period; उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम संस्थान की विशेषज्ञता को नई ऊंचाइयां प्रदान करते हैं और मरीजों को बेहतर&comma; सटीक तथा आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं&period; उन्होंने विश्वास जताया कि इस फेलोशिप से अर्जित ज्ञान और अनुभव का लाभ बिहार तथा पूर्वी भारत के मरीजों को उन्नत कैंसर निदान&comma; उपचार आधारित निदान&comma; आणविक इमेजिंग और मस्तिष्क इमेजिंग सेवाओं के रूप में मिलेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ&period; पंकज कुमार ने कहा कि इस प्रशिक्षण के दौरान उन्हें विश्वस्तरीय तकनीकों और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ कार्य करने का अवसर मिला&period; इससे आधुनिक परमाणु चिकित्सा की नवीनतम प्रगति को समझने और अपनाने में सहायता मिली&period; उन्होंने बताया कि इस अनुभव का उपयोग एम्स पटना में रोगी सेवाओं&comma; प्रशिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने में किया जाएगा। एम्स पटना निरंतर अपने संकाय सदस्यों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण&comma; अनुसंधान और अकादमिक सहयोग के अवसर उपलब्ध करा रहा है&period; इससे संस्थान में चिकित्सा शिक्षा&comma; अनुसंधान और रोगी देखभाल की गुणवत्ता को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने में मदद मिल रही है।<&sol;p>&NewLine;

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