3 मार्च का जन-विश्वास महारैली देश की राजनीति के लिए परिवर्तनकारी कदम होगा : राजद

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश प्रधान महासचिव श्री रणविजय साहू एवं प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने संयुक्त रूप से कहा कि पूरे राज्य भर के हर जिला में नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी प्रसाद यादव के जन- विश्वास यात्रा को जिस तरह से समर्थन और आमजनों का विश्वास मिल रहा है &comma;उसे यह स्पष्ट होता है कि नौकरी और रोजगार परक सोच तथा सकारात्मक राजनीति को हर लोग पसंद कर रहे हैं&comma; और इसे व्यापक समर्थन भी मिल रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नेताओं ने कहा कि जिस तरह से हर वर्ग&comma; नौजवान&comma; महिला&comma; किसान और आम अवाम रात के 2&colon;00 बजे 3&colon;00 बजे तक तेजस्वी जी को सुनने के लिए और उनकी एक झलक पाने के लिए हजारों -हजार की संख्या में जुट रहे हैं यह व्यापक समर्थन और तेजस्वी जी के कार्यों को जनता की मुहर है। नेताओं ने कहा कि जनता के हित में किए गए कार्यों &comma; नौकरी&comma; रोजगार तथा जातीय गणना&comma; सहित 75&percnt; आरक्षण की व्यवस्था को महागठबंधन सरकार के द्वारा किए गए हैं उसकी चर्चा हर लोग कर रहे हैं। और महागठबंधन सरकार के 17 महीने के कार्यों पर न सिर्फ चर्चा हो रही है बल्कि उसपर जनता का विश्वास और समर्थन भी दिख रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नेताओ ने कहा कि भाजपा और जनता दल यू के बयानवीर नेताओं को बिहार की जनता का स्पष्ट संदेश है की अनर्गल प्रलाप और बयान वीर बनने से राजनीति में जनता के समर्थन का आयाम नहीं होता है । और साथ ही जिस तरह से लोकतंत्र को लोभतंत्र में बदलकर बिहार में किस्तों में विधायकों को अपने साथ ले जाने का भाजपा और जदयू की सोंच है&comma; उसको जनता सही नहीं मान रही है &comma; और इस तरह का कृत्य लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है ।और ऐसे मामलें लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करते है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रदेश प्रवक्ता एजाज ने आगे कहा कि 03 मार्च को पटना के गांधी मैदान में जन- विश्वास महारैली में जिस तरह से पूरे राज्य भर से लाखों -लाख लोग आ रहे हैं उसके कारण बेचैनी और बौखलाहट में भाजपा के और जदयू के लोग हैं और एनडीए के द्वारा 2 मार्च को प्रधानमंत्री का नरेन्द्र मोदी का कार्यक्रम बनाया जाना यह भाजपा और जदयू की हताशा का परिचायक है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इन लोगों ने नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम बनाने के साथ-साथ राजनाथ सिंह और अमित शाह का भी कार्यक्रम बनाया है&comma; लेकिन चाहे जितना भी एनडीए के लोग प्रयास कर लें और जिसको भी बुला लें&comma; अब बिहार की जनता मुद्दों के साथ खड़ी है मोदी के साथ नहीं। और बिहार में मुद्दा है 17 महीना बनाम 17 साल के कार्यों का&comma;और जिस तरह से नौजवानों को नौकरी रोजगार देकर तेजस्वी जी ने भविष्य को मुस्कुराने और आगे बढ़ने का मौका दिया है और बिहार के विकास को एक नया आयाम दिया है तथा लालू प्रसाद के सामाजिक न्याय की अवधारणा को सरजमीन पर उतारकर 75&percnt; आरक्षण की जो व्यवस्था की है&comma; उसका व्यापक पैमाने पर आम जन का समर्थन मिल रहा है ।और पटना के गांधी मैदान की महारैली के बाद न सिर्फ बिहार बल्कि देश की राजनीति के लिए भी यह परिवर्तनकारी कदम होगा&comma; क्योंकि अब हर लोग&comma; नौजवान&comma; महिला&comma; किसान छात्र के साथ बहुजन समाज के लोगों का समर्थन महागठबंधन सरकार के कार्यों के साथ है और इसको अमली-जामा पहनाने मे सभी लगे हुए हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एजाज में आगे बताया कि महारैली के प्रचार प्रसार और जनता के मुद्दों को हर घर तक पहुंचाने के लिए पटना सहित राज्य के हर जिला में जनसंपर्क अभियान और प्रचार प्रसार का कार्य सभी नेता और कार्यकर्ताओं के द्वारा किया जा रहा है और हर घर तक जन -विश्वास महारैली का पैगाम पहुंचाया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;

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