भव्या एप पर दर्ज होगी मरीजों के निबंधन, जांच एवं इलाज की जानकारी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&comma; &lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;<&sol;strong>   स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों को उपलब्ध करायी जाने वाली तमाम सेवाएं अब ऑनलाइन दर्ज होगा। इसे लेकर मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार भव्या एचआईएमएस सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। इसमें मरीजों निबंधन से लेकर जांच व इलाज संबंधी तमाम जानकारी डिजिटली दर्ज की जायेगी। भव्या एप का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिले में 16 फरवरी से 06 मार्च तक स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें जिले के सभी छोटे बड़े सरकारी अस्पतालों में कार्यरत सभी स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मंगलवार को राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल स्थित सिविल सर्जन कार्यक्रम में सभी प्रखंड के सभी चिकित्सकों और नर्सों को भव्या एप्प का प्रशिक्षण राज्य स्वास्थ्य समिति&comma; पटना से आए हुए प्रशिक्षक द्वारा दिया गया। इसमें सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी&comma; डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास&comma; डीएमएनई आलोक कुमार शामिल रहे। इस कार्यक्रम का संचालन भव्या एमएसपी टीम के अधिकारियों द्वारा किया जाएगा जिसके द्वारा जिले के पांच स्थलों में प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। इसमें राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल के साथ साथ एसडीएच धमदाहा&comma; एसडीएच बनबनखी&comma; सीएचसी बैसा और सीएचसी बायसी शामिल है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p> अन्य सभी स्थलों पर स्वास्थ्य कर्मियों को भव्या एप्प का प्रशिक्षण भव्या एमएसपी टीम के विभागीय प्रशिक्षकों द्वारा दिया जाएगा जिसमें पटना से उपस्थित स्वास्थ्य विभागीय टीम के प्रशिक्षण प्रबंधक दुर्गा शंकर सिंह के साथ साथ जिला इंचार्ज रजनीश कुमार के साथ साथ विभागीय ट्रेनर प्रवेश झा&comma; कृष्णा सिंह&comma; जयप्रकाश नायक&comma; आशीष राज&comma; विवेक सिंह&comma; श्वेतांक शेखर&comma; ओम कुमार&comma; आर्यन राज और अभिषेक सिंह शामिल रहेंगे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटेलाइजेशन उद्देश्य &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ अभय प्रकाश चौधरी ने बताया कि भव्या बिहार हेल्थ एप्लीकेशन विजनरी योजना फॉर ऑल का लघु रूप है। इसे राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल कामकाज को बढ़ावा देने व एक ही प्लेटफार्म पर रोगियों का डाटा संग्रह किये जाने के उद्देश्य से लागू किया है। अब भव्या एप पर ही मरीजों का निबंधन होगा&comma; निबंधन के बाद ओपीडी में डॉक्टर भी भव्या एप पर ही मरीजों को सभी तरह की जांच व दवा प्रिसक्राइब करेंगे। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मरीज की जांच रिपोर्ट भी भव्या एचआईएमएस पर ही अपलोड की जायेगी। इसके साथ ही मरीजों को अस्पताल से उपलब्ध की जा रही दवा की जानकारी भी इस एचआईएमएस पर अपलोड रहेगा। स्वास्थ्य विभागीय टीम के प्रशिक्षण प्रबंधक दुर्गा शंकर सिंह ने बताया कि भव्या एप के माध्यम से किसी मरीज से संबंधित पूरी जानकारी डिजीटली संरक्षित रहेगा। इलाज के लिये मरीजों को बार-बार पर्चा नहीं कटाना होगा। और इलाज के लिये पर्चा लेकर आने की झंझट से भी मुक्ति मिल जायेगी। भव्या एप पर मरीजों की आईडी पर उपलब्ध रिकार्ड के आधार पर उनका इलाज संभव हो सकेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>स्वास्थ्य सेवाएं होंगी बेहतर&comma; निगरानी व निरीक्षण होगा आसान &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास ने बताया कि भव्या एप के जरिये पर मरीजों को उपलब्ध तमाम सेवाएं पेपर लेस होगा। मरीजों के इलाज से संबंधित तमाम रिकार्ड ऑनलाइन दर्ज रहेगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढीकरण के साथ-साथ मरीजों को उपलब्ध सेवाओं की निगरानी व निरीक्षण की प्रक्रिया आसान होगी। मरीजों को इलाज&comma; दवा&comma; जांच से संबंधित रिकार्ड को संरक्षित रखने की जरूरत नहीं होगी। मरीजों के 14 अंकों के आईडी खोल कर डॉक्टर मरीज से संबंधित सभी जानकारी जुटाते हुए उनका इलाज करने में सक्षम होंगे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>मरीजों को दी जा रही सुविधा का रहेगा डिजिटल रिकार्ड &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीएमएनई सह कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि भव्या एप के सफल क्रियान्वयन को लेकर चिकित्सकीय सेवाओं से जुड़े तमाम कर्मियों को उपलब्ध कराया जायेगा। भव्या के क्रियान्वयन का मुख्य फायदा ये होगा कि मरीजों को दिये जा रही सुविधाओं का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा। मरीज के डिजिटल रिकॉर्ड को किसी भी अस्पताल में देखा जा सकेगा। बीमारी के लक्षणों के डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर लोकलाइज्ड प्लानिंग में सहयोग मिलेगा। मरीज को दी जा रही सुविधाओं का पूरी तरह सत्यापन हो सकेगा। मरीज को दी गई पैथोलॉजिकल जांच का रिजल्ट मरीजों के मोबाइल पर उपलब्ध होने लगेगा। गर्भवती महिलाओं को उनके एचपी&comma; बीपी व अन्य जांच से संबंधित जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सकेगा।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

रामनवमी के अवसर पर विधि-व्यवस्था संधारण एवं अन्य तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित

NH-31 पर DSP ट्रैफिक का औचक निरीक्षण, तेज रफ्तार वाहनों पर कड़ी नजर

प्रेम यूथ फाउंडेशन को मिला ‘लोकसेवा रत्न’ सम्मान, जनसेवा के कार्यों के लिए हुआ सम्मानित