मेदांता पटना में भारत के पहले स्वदेशी ‘माय क्लिप’ से हुआ सफल इलाज, 76 वर्षीय महिला को मिली नई जिंदगी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत। <&sol;strong>मेदांता हॉस्पिटल ने हृदय रोग के इलाज के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए भारत में विकसित पहले स्वदेशी माइट्रल क्लिप डिवाइस &OpenCurlyQuote;माय क्लिप’ के जरिए 76 वर्षीय महिला का सफल इलाज किया है&period; गंभीर हृदय रोग&comma; किडनी की बीमारी और एनीमिया से पीड़ित महिला को इस नई तकनीक से नई जिंदगी मिली है। जानकारी के अनुसार महिला पिछले तीन वर्षों से सांस लेने में परेशानी&comma; पैरों में सूजन और अत्यधिक कमजोरी जैसी समस्याओं से जूझ रही थीं&period; जांच में उन्हें गंभीर माइट्रल रीगर्जिटेशन बीमारी का पता चला&period; यह हृदय के वाल्व से जुड़ी गंभीर बीमारी है&comma; जिसमें खून पीछे की ओर लीक होने लगता है और हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉक्टरों के अनुसार मरीज की उम्र और अन्य बीमारियों को देखते हुए ओपन हार्ट सर्जरी या हार्ट ट्रांसप्लांट काफी जोखिम भरा था&period; केवल दवाओं से भी इलाज संभव नहीं हो पा रहा था&period; इसके बाद मेदांता पटना के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने भारत में विकसित &OpenCurlyQuote;माय क्लिप’ तकनीक से इलाज करने का फैसला लिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मेदांता गुरुग्राम के चेयरमैन इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी एंड कार्डियक केयर डॉ&period; प्रवीण चंद्रा ने कहा कि भारत में विकसित &OpenCurlyQuote;माय क्लिप’ जैसी तकनीकें स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाएंगी&period; अब अत्याधुनिक कार्डियक इलाज केवल बड़े और संपन्न लोगों तक सीमित नहीं रहेगा&comma; बल्कि आम मरीजों को भी किफायती दर पर विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा&period; उन्होंने कहा कि मिनिमली इनवेसिव तकनीक से मरीजों की रिकवरी तेजी से होती है और जोखिम भी कम रहता है। इस प्रक्रिया को मेदांता पटना के निदेशक एवं एचओडी कार्डियोलॉजी डॉ&period; प्रमोद कुमार तथा निदेशक क्लिनिकल प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी डॉ&period; अजय कुमार सिन्हा ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया&period; यह एक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया थी&comma; जिसमें ओपन हार्ट सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ी&period; डॉक्टरों ने नस के जरिए एक छोटी नली डालकर &OpenCurlyQuote;माय क्लिप’ डिवाइस को हृदय में स्थापित किया। इलाज के बाद मरीज की स्थिति में काफी सुधार हुआ है&period; अब वह आसानी से अपने दैनिक कार्य कर पा रही हैं और सामान्य जीवन जी रही हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ&period; अजय कुमार सिन्हा ने बताया कि अब तक भारत में केवल विदेशों से आयातित माइट्रल क्लिप उपलब्ध थे&comma; जिनकी कीमत काफी अधिक होने के कारण आम मरीजों की पहुंच से बाहर थी&period; हाल ही में भारतीय कंपनी Meril Life Sciences ने जरूरी मंजूरी मिलने के बाद &OpenCurlyQuote;माय क्लिप’ लॉन्च किया है&period; इससे अब कम खर्च में अत्याधुनिक हृदय उपचार उपलब्ध हो सकेगा। डॉ&period; प्रमोद कुमार ने कहा कि मेदांता पटना और भारतीय मेडिकल डिवाइस कंपनियों के सहयोग से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में नई क्रांति आ रही है&period; उन्होंने कहा कि बिहार सहित देशभर में लाखों लोग गंभीर माइट्रल रीगर्जिटेशन की समस्या से पीड़ित हैं और &OpenCurlyQuote;माय क्लिप’ जैसी तकनीक उनके लिए उम्मीद की नई किरण साबित होगी।<&sol;p>&NewLine;

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