समाज सुधार सम्मेलन में अमन, भाईचारा और शिक्षा पर दिया गया जोर

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित। <&sol;strong>जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से पटना के ए&period;एन&period; सिन्हा सामाजिक अध्ययन संस्थान में &OpenCurlyDoubleQuote;समाज सुधार सम्मेलन” का आयोजन किया गया&comma; जिसमें बड़ी संख्या में उलेमा&comma; बुद्धिजीवी&comma; सामाजिक कार्यकर्ता और आम लोग शामिल हुए&period; सम्मेलन में समाज सुधार&comma; शिक्षा&comma; आपसी भाईचारा और इंसानियत के संदेश पर जोर दिया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री एवं जदयू विधानमंडल दल के नेता श्रवण कुमार&comma; बिहार स्टेट वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अहमद अशफाक करीम&comma; जमीयत उलेमा-ए-हिंद के सचिव मौलाना अज़हर मदनी&comma; बिहार जमीयत उलेमा के अध्यक्ष मौलाना बदर मुजीबी&comma; महासचिव मौलाना अब्बास&comma; मौलाना मशहूद कादरी&comma; डॉ&period; फैज कादरी तथा इमारत ए शरिया के नाजिम मुफ्ती सईदुर्रहमान कासमी समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि समाज को नफरत नहीं&comma; बल्कि मोहब्बत&comma; शिक्षा और अच्छे आचरण से बदला जा सकता है&period; उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को शिक्षा से जोड़ना और समाज में फैल रही बुराइयों को खत्म करना बेहद जरूरी है&period; सम्मेलन में आपसी एकता&comma; गंगा-जमुनी तहजीब और इंसानियत को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के दौरान फुलवारी शरीफ के नासिर हुसैन कादरी ने बिहार जमीयत उलेमा के सदर का गुलपोशी कर स्वागत किया&period; सम्मेलन में बड़ी संख्या में उलेमा&comma; सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के लोग मौजूद रहे&period; सम्मेलन में मौजूद लोगों ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में जागरूकता और भाईचारा बढ़ाने का काम करते हैं&period; लोगों ने उम्मीद जताई कि समाज सुधार और इंसानियत का यह संदेश आगे भी जारी रहेगा।<&sol;p>&NewLine;

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