नौ सूत्री मांगों को लेकर पूरे बिहार में आशा कार्यकर्ताओं का अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">पटनासिटी&lpar;न्यूज क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> सबलपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ताओ ने ताला जड़ कर पिछले 12 जुलाई से अनिश्चित कालीन धरने पर बैठे हुए है। आज आशा कार्यकर्ता ने गहरी नीद में सोई सरकार थाली पीट कर जगाने का काम किया है और सरकार से अपनी नौ सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग की है। वही सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारे बाजी भी की है । आशा कार्यकर्ताओं के विरोध के कारण पूरे राज्य के सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा केंद्र पर बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र से आए मरीज अस्पताल को बंद देख कर निराश लौट रहे है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्ष 2019 से अबतक की बकाए राशि का भुगतान नही किया गया है और न ही वेतन में वृद्धि की गई है । साथ ही सरकारी सेवक का दर्जा दिया है। आशाकर्मियो का कहना है की तेजस्वी यादव का कहना था की जब स्वास्थ्य मंत्री बनेंगे तो उनकी अमाया को दूर करेगे पर आज तक आशा कर्मियों की नौ सूत्री मांगों को पूरा नहीं किया गया। आशा कर्मी ने कहा है की जब तक उनकी मांग पूरा नहीं होगा &comma;तब तक धरना प्रदर्शन कर सरकार से अपनी लड़ाई लड़ेगे। आशाकर्मी जहां अपनी मांग पर अड़े है वही सरकार भी उनके मांगों को मानने को तैयार नहीं है। एसे में आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।<&sol;p>&NewLine;

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