एम्स पटना में अत्याधुनिक स्किल लैब व सेमिनार रूम का उद्घाटन, कैंसर उपचार और सर्जिकल प्रशिक्षण को मिलेगी नई दिशा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजीत&period;&period; <&sol;strong>एम्स पटना ने कैंसर उपचार और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए शुक्रवार को सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में अत्याधुनिक स्किल लैब एवं आधुनिक सेमिनार रूम का उद्घाटन किया&period; नई सुविधा से भावी सर्जनों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण मिलने के साथ कैंसर उपचार&comma; अनुसंधान और चिकित्सा शिक्षा को भी नई गति मिलेगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यकारी निदेशक प्रो&period; &lpar;ब्रिगेडियर&rpar; डॉ&period; राजू अग्रवाल ने इस सुविधा का उद्घाटन करते हुए कहा कि आधुनिक चिकित्सा में उत्कृष्ट परिणाम केवल अत्याधुनिक उपकरणों से नहीं&comma; बल्कि प्रशिक्षित और दक्ष चिकित्सकों से संभव होते हैं&period; उन्होंने कहा कि स्किल लैब युवा सर्जनों को नवीनतम तकनीकों में दक्ष बनाने&comma; शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण व सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एम्स पटना की नई स्किल लैब को आधुनिक सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण के अनुरूप विकसित किया गया है&period; यहां एमबीबीएस छात्र&comma; पीजी रेजिडेंट्स&comma; सुपर स्पेशियलिटी फेलोज और संकाय सदस्य लाइव सर्जिकल डेमोंस्ट्रेशन&comma; ट्यूमर बोर्ड मीटिंग&comma; केस आधारित शिक्षण&comma; कौशल विकास कार्यशालाओं और सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रमों में भाग ले सकेंगे&period; इससे युवा चिकित्सकों को वास्तविक ऑपरेशन से पहले सुरक्षित वातावरण में अपने सर्जिकल कौशल को निखारने का अवसर मिलेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नई सेमिनार रूम एवं स्किल लैब को अत्याधुनिक ऑडियो-वीडियो सुविधाओं&comma; इंटरैक्टिव शिक्षण प्रणाली और आधुनिक प्रशिक्षण संसाधनों से सुसज्जित किया गया है&period; यह सुविधा चिकित्सकों और विद्यार्थियों के लिए सीखने&comma; शोध करने और नई तकनीकों को अपनाने का प्रभावी मंच बनेगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस परियोजना की परिकल्पना सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ&period; जगजीत कुमार पांडेय ने की है&period; उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य सर्जिकल शिक्षा को और अधिक मजबूत बनाना&comma; नवाचार को बढ़ावा देना तथा विभाग में अकादमिक उत्कृष्टता और शोध गतिविधियों का विस्तार करना है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उद्घाटन समारोह में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रो&period; डॉ&period; प्रशांत कुमार सिंह&comma; डीन &lpar;रिसर्च&rpar; प्रो&period; डॉ&period; संजय पांडेय&comma; डीन &lpar;एकेडमिक्स&rpar; प्रो&period; डॉ&period; पूनम प्रसाद भदानी&comma; एनेस्थिसियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ&period; उमेश कुमार भदानी&comma; उपनिदेशक &lpar;प्रशासन&rpar; निलोत्पल बल&comma; डॉ&period; एफ्रेम आर&period;&comma; डॉ&period; तशबीहुल अज़हर&comma; डॉ&period; प्रवीण कुमार सहित संस्थान के वरिष्ठ चिकित्सक&comma; संकाय सदस्य&comma; रेजिडेंट्स&comma; नर्सिंग अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर ओपीडी और आईपीडी में भर्ती मरीजों के बीच फल एवं मिठाइयों का वितरण भी किया गया&period; मरीजों और उनके परिजनों ने इस पहल की सराहना की&period; एम्स प्रबंधन ने कहा कि संस्थान का लक्ष्य अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ मानवीय और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नई स्किल लैब और सेमिनार रूम की शुरुआत के साथ एम्स पटना ने चिकित्सा शिक्षा&comma; अनुसंधान और रोगी सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है&period; इससे पूर्वी भारत में कैंसर उपचार और सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में संस्थान की पहचान और मजबूत होने की उम्मीद है।<&sol;p>&NewLine;

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