कड़ाके की ठंड के में रात में अलाव ही लोगों का सहारा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारी शरीफ&comma; अजित &colon;<&sol;strong> राजधानी पटना और आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड ने और सुबह और रात्रि में होने वाले कोहरे ने लोगों की मुश्किल बढ़ा दी है। गलन की वजह से लोगसूबह सूबह और शाम के बाद घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। यही नहीं बाजारों से रौनक भी गायब हो गई है। ठंड से जनवरी का दूसरा सप्ताह बीतते ही तापमान में भारी गिरावट दर्ज होने के चलते घरों से बाहर रहने की मजबूरी जिन लोगों को है वैसे लोगों ठंड से बचाव का लोगों को रात में और सुबह-सुबह अलाव तापने ही एकमात्र सहारा है&period;कड़ाके की ठंड ने लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एफसीआई लालु नगर ईसापुर नहरपुरा नया टोला चौहरमल नगर नहर पर भूसौला दानापुर जानीपुर अकबरपुर परसा बाजार नहर की स्लम बस्ती में रहने वाले लोग फूस&comma; प्लास्टिक और मिट्टी के घरों में रात बिता रहे हैं। यही हाल दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में भी आहार पान और नहर और सरकारी चाट में बसे गरीब परिवार के लोगों की है&period; ऐसे स्लम बस्ती में गरीब परिवारों को इस तरह कड़ाके की ठंड में स्थानीय प्रशासन जिला प्रशासन एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की तरफ से कोई मदद नहीं मिल रही है&period;गरीब परिवार खुले आसमान में ठंड मे ठीठुरने को मजबूर है&period; फुलवारी शरीफ के अलावा संपतचक गौरीचक बेलदारी चक इलाके में भी सैकड़ो ऐसे गरीब परिवार है जिनके पास अपना मकान नहीं है जो वर्षों से नहर के किनारे खेतों में सरकारी जमीन पर बसे हुए हैं उनके लिए ऐसे कड़ाके की ठंड सर्द रात कयामत से कम नहीं बीत रही है&period;<&sol;p>&NewLine;

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