विश्व जूनोटिक रोग दिवस पर पटना में सैकड़ों श्वानो और बिल्लियों का निःशुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण संपन्न

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>विश्व जूनोटिक रोग दिवस के अवसर पर लायंस क्लब ऑफ पाटलिपुत्र आस्था के बैनर तले और एनिमो पेट केयर एंड रिसर्च सेंटर&comma; पटना के नेतृत्व में निःशुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण और जन-जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस शिविर में कुल सैकड़ो श्वानो और बिल्लियों का पूर्ण रूप से निःशुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रेबीज जैसी जानलेवा जूनोटिक बीमारी की रोकथाम करना था। साथ ही पशुपालकों और आम नागरिकों को पशुओं से फैलने वाले रोगों के प्रति जागरूक करना भी इसका लक्ष्य रहा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>विश्व जूनोटिक रोग दिवस का संदेश है कि पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाले रोगों के प्रति समाज को जागरूक किया जाए। चिकित्सकों के अनुसार&comma; रेबीज को नियंत्रित करने का सबसे प्रभावी तरीका पालतू और आवारा कुत्तों का नियमित टीकाकरण है। संपूर्ण टीकाकरण अभियान <em>डॉक्टर विकास शर्मा<&sol;em> की देखरेख में हुआ। उनके साथ एनिमो परिवार के सदस्य शंभू शर्मा&comma; शंभू जूनियर&comma; अग्निवेश&comma; गोलू&comma; लव और करू शर्मा ने कुत्तों और बिल्लियों को एंटी-रेबीज टीका लगाया। टीम ने पशुपालकों को समय पर टीकाकरण कराने&comma; स्वच्छता रखने और रेबीज से बचाव के उपायों की पूरी जानकारी दी। इस अवसर पर लायंस क्लब ऑफ पाटलिपुत्र आस्था के सदस्य लायन डॉक्टर मनोज और लायन इंजीनियर नीतू कुमारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि समाज को रेबीज मुक्त बनाने के लिए नियमित टीकाकरण और जन-जागरूकता अभियान बहुत जरूरी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे सामाजिक कार्यक्रम आगे भी लगातार आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में फार्मा कंपनी के प्रतिनिधि <em>विपुल<&sol;em> और <em>शांक<&sol;em> ने भी सक्रिय भागीदारी की और इस जनहित के अभियान को सफल बनाने में सहयोग दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>शिविर में बड़ी संख्या में पशुपालक अपने पालतू पशुओं के साथ पहुंचे और निःशुल्क टीकाकरण कराया। सभी ने आयोजकों के प्रयास की सराहना की। लोगों ने कहा कि ऐसे जागरूकता और टीकाकरण कार्यक्रम रेबीज जैसी घातक बीमारी की रोकथाम के लिए बहुत उपयोगी हैं। आयोजकों ने सभी सहयोगियों&comma; प्रतिभागियों और पशुपालकों का धन्यवाद किया। साथ ही सभी लोगों से अपील की कि वे अपने पालतू कुत्तों और बिल्लियों का हर साल नियमित रूप से एंटी-रेबीज टीकाकरण कराएं। सभी से यह भी कहा गया कि वे पशुजनित रोगों से बचाव के प्रति स्वयं जागरूक रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।<&sol;p>&NewLine;

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