स्वास्थ्य व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन हुआ : नीतीश कुमार

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित। <&sol;strong>कैंसर जैसी गंभीर और जटिल बीमारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए पटना में आयोजित बिहार कैंसर कॉन्क्लेव 2026 में देशभर के विशेषज्ञों ने उपचार&comma; अनुसंधान और जागरूकता को लेकर गहन मंथन किया&period; पारस अस्पताल द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में तीन सौ से अधिक वरिष्ठ चिकित्सकों&comma; कैंसर रोग विशेषज्ञों और स्वास्थ्य प्रबंधकों ने भाग लेकर आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों तथा तकनीकी प्रगति पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया&period; अपने विस्तृत संबोधन में उन्होंने कहा कि कैंसर आज केवल एक रोग नहीं&comma; बल्कि सामाजिक और पारिवारिक चुनौती बन चुका है&period; इससे प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए समय पर जांच&comma; जनजागरूकता&comma; संतुलित जीवनशैली और आधुनिक उपचार सुविधा का विस्तार अत्यंत आवश्यक है&period; <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कैंसर जांच केंद्रों की संख्या बढ़ाने&comma; जिला स्तर पर उपचार सुविधा विकसित करने और गरीब मरीजों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने वर्ष दो हजार पाँच से अब तक राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में हुए व्यापक सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। चिकित्सकों की भारी कमी&comma; दवाओं का अभाव और आधारभूत संसाधनों की कमी के कारण आम जनता को उपचार के लिए भटकना पड़ता था&period; सरकार ने चरणबद्ध योजना के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सुदृढ़ किया&comma; चिकित्सकों और नर्सों की बड़े पैमाने पर नियुक्ति की&comma; निःशुल्क दवा और जांच सुविधा का विस्तार किया तथा आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा को गांव-गांव तक पहुंचाया&period; उन्होंने कहा कि आज सरकारी अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि लोगों का विश्वास स्वास्थ्य व्यवस्था में मजबूत हुआ है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कॉन्क्लेव का नेतृत्व पारस हई मेडिकेयर अनुसंधान संस्थान के विभागाध्यक्ष एवं निदेशक&comma; चिकित्सा कैंसर विज्ञान&comma; डॉ&period; अभिषेक आनंद ने किया&period; उन्होंने कहा कि यह आयोजन बिहार में कैंसर उपचार को नई दिशा देने का सामूहिक प्रयास है&period; विशेषज्ञों ने प्रारंभिक पहचान&comma; शल्य चिकित्सा&comma; औषधीय उपचार&comma; विकिरण चिकित्सा और अत्याधुनिक यंत्रों के उपयोग पर विस्तार से चर्चा की&period; साथ ही रोगियों को समग्र परामर्श&comma; पोषण मार्गदर्शन और मनोवैज्ञानिक सहयोग उपलब्ध कराने पर भी बल दिया गया। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से आए विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कैंसर के मामलों में समय पर जांच और उपचार की उपलब्धता से मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है&period; उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने&comma; नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने और स्क्रीनिंग कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता बताई। अंत में यह संकल्प लिया गया कि कैंसर के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा और राज्य में सुलभ&comma; किफायती तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार सुविधा को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा&comma; ताकि मरीजों को बेहतर इलाज के लिए अन्य राज्यों की ओर रुख न करना पड़े&period; यह कॉन्क्लेव बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई ऊर्जा और दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।<&sol;p>&NewLine;

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