60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को स्वास्थ्य केंद्रों पर पॉलीएटिव केयर द्वारा स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> स्वास्थ्य केंद्रों पर 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की आवश्यक जांच और जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रमंडल स्तर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा चारदिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पूर्णिया जिले के खुश्कीबाग स्थित निजी होटल में आरएडी &lpar;प्रभार&rpar; डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में पूर्णिया जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई जिससे कि समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बुजुर्ग मरीजों को चिह्नित करते हुए स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई जा सके और लोग स्वस्थ जीवन का लाभ उठा सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पॉलीएटिव केयर में कैंसर&comma; हृदय&comma; किडनी&comma; एचआईवी&comma; एड्स जैसी बीमारी से ग्रसित हो सकते हैं 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रशिक्षण में समुदाय स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य अधिकारियों को 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के स्वास्थ्य की जांच और उपचार सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आरएडी &lpar;प्रभार&rpar; डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया ने कहा कि पॉलीएटिव केयर को सामान्य भाषा में उपशामक देखभाल या प्रशामक देखभाल कहा जाता है जिसका मतलब है गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों और उनके परिवारों को शारीरिक और भावनात्मक समस्याओं की जानकारी प्राप्त करते हुए संबंधित लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इससे संबंधित लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सकेगी जिससे संबंधित व्यक्ति विभिन्न बीमारियों का उपचार कराते हुए स्वस्थ्य और सुरक्षित रह सकेंगे। पॉलीएटिव केयर में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को कैंसर&comma; एचआईवी&comma; एड्स&comma; हृदय-किडनी संबंधित बीमारी हो सकती है जिसका समय पर पहचान करते हुए आवश्यक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है। स्वास्थ्य अधिकारियों को ऐसे लोगों की पहचान कर समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराना चाहिए। जरूरत होने पर ऐसे लोगों को विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच और उपचार कराने के लिए जिला स्तरीय अस्पताल में भेजना सुनिश्चित करना चाहिए जिससे कि संबंधित लोगों को आवश्यक स्वास्थ्य सहायता प्रदान किया जा सके और लोग स्वस्थ्य और सुरक्षित रह सकें।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>जटिल बीमारी ग्रसित लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी स्वास्थ्य सहायता &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आरपीएम कैशर इकबाल ने कहा कि किसी जटिल बीमारी से ग्रसित मरीजों के परिजनों को किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे मरीजों के परिजनों के स्वास्थ्य की जानकारी लेना आवश्यक है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनके परिजनों के स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त करते हुए जरूरत होने पर संबंधित लोगों को आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी जिससे कि सभी लोग स्वस्थ्य और सुरक्षित रह सकें। सभी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों &lpar;सीएचओ&rpar; को जिला स्तरीय प्रशिक्षण में गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीजों की पहचान करते हुए उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करना चाहिए। ऐसे लोगों को विशेष जांच और उपचार के लिए जिला अस्पताल में भेजना सुनिश्चित करना चाहिए जिससे कि समय पर सभी लाभार्थियों को आवश्यक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराते हुए स्वस्थ्य और सुरक्षित रखा जा सके और लोग स्वस्थ्य जीवन का लाभ उठा सकें।<&sol;p>&NewLine;

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