बिहार दिवस का भव्य आगाज़, सांसद अभय कुमार सिन्हा ने किया उद्घाटन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>औरंगाबाद&comma;  à¤®à¤‚न्टू कुमार &colon; <&sol;strong>जिले देवप्रखंड स्थित सूर्य नगरी में आयोजित चैती छठ मेला-2026 एवं बिहार दिवस-2026 का भव्य शुभारंभ औरंगाबाद लोकसभा क्षेत्र के सांसद अभय कुमार सिन्हा द्वारा विधिवत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बिहार गीत के सामूहिक गायन से हुई&comma; जिसने पूरे वातावरण को उत्साह और श्रद्धा से भर दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2026&sol;03&sol;img-20260322-wa00355408429045252056144-487x365&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-82473"><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इसके बाद सांसद अभय कुमार सिन्हा&comma; सदर विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह&comma; रफीगंज विधायक प्रमोद कुमार सिंह&comma; कुटुम्बा विधायक ललन राम&comma; जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा&comma; पुलिस अधीक्षक अंबरीश राहुल एवं नगर पंचायत देव के अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्वलित कर मेले का उद्घाटन किया। इस दौरान विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने सांसद को पौधा एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया। वहीं अन्य अतिथियों का भी जिला स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह ने अपने स्वागत भाषण में छठ महापर्व को आस्था&comma; विश्वास&comma; अनुशासन और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि चार दिवसीय यह पर्व समाज में शांति&comma; समर्पण और सांस्कृतिक एकता का संदेश देता है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने अपने संबोधन में छठ महापर्व एवं बिहार दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देव में इन दोनों आयोजनों का एक साथ होना जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने देव सूर्य मंदिर की ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह मंदिर छठी से आठवीं शताब्दी के बीच निर्मित माना जाता है और इसकी विशिष्ट स्थापत्य कला इसे खास पहचान देती है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने बताया कि मेले में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए प्रशासन द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सभी मार्गों की मरम्मत&comma; सिगनेज की व्यवस्था&comma; पेयजल&comma; टेंट-पंडाल&comma; प्रकाश व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। सुरक्षा के लिए दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए भी पुख्ता तैयारी की गई है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला पदाधिकारी ने बिहार दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन बिहार के गौरवशाली इतिहास&comma; समृद्ध संस्कृति और ज्ञान परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने वैशाली के प्रथम गणतंत्र&comma; नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालयों की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि आज बिहार विकास के नए चरण में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सभी लोगों से एक समृद्ध&comma; शिक्षित और आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जिला स्तरीय पदाधिकारी&comma; मंदिर न्यास समिति के सदस्य&comma; जनप्रतिनिधि&comma; समाजसेवी&comma; श्रद्धालु एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।<&sol;p>&NewLine;

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