नैपकॉन 2025 पटना का भव्य उद्घाटन : राज्यपाल ने स्वास्थ्य क्षेत्र में नई दिशा देने पर दिया जोर

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; अजित।<&sol;strong> पटना के सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर में 11 दिसंबर 2025 को आयोजित नैपकॉन 2025 सम्मेलन का उद्घाटन बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने किया&period; चार दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से श्वसन रोग विशेषज्ञ&comma; युवा चिकित्सक&comma; शोधकर्ता और अंतरराष्ट्रीय संकाय शामिल हुए।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुख्य अतिथि राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि बिहार सहित पूरे उत्तर भारत में श्वसन रोगों की चुनौतियाँ लगातार बढ़ रही हैं&period; उन्होंने बताया कि राज्य में एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शंस और लोअर रेस्पिरेटरी इंफेक्शंस की दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है&comma; और इनके नियंत्रण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है&period;राज्यपाल डॉ&period; आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि आज हर जगह हवा प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है&period; पटना सहित राज्य के कई जिले प्रदूषण और जहरीली गैसों की चपेट में हैं&comma; जिससे लोग विभिन्न प्रकार की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि चिकित्सा और विशेषज्ञ शोध के जरिए समाधान जरूर खोज रहे हैं&comma; लेकिन लोगों को जागरूक करना भी अत्यंत आवश्यक है&period; राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि जागरूकता अभियान में विशेष रूप से युवाओं को शामिल करना होगा&comma; ताकि गांव से लेकर शहर तक हर जगह स्वास्थ्य संदेश पहुँच सके। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति समझ बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है और सभी संबंधित संस्थाओं को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी होगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने टीबी&comma; विशेषकर मल्टी-ड्रग रेसिस्टेंट टीबी को गंभीर चुनौती बताया&comma; वहीं सीओपीडी&comma; अस्थमा&comma; इंटरस्टिशल लंग डिज़ीज़ और ऑक्यूपेशनल फेफड़े के रोगों में चिकित्सा और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया&period; राज्यपाल ने औद्योगिक&comma; निर्माण और कृषि क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा और जांच सुविधाओं की आवश्यकता भी रेखांकित की। उद्घाटन समारोह में डॉ&period; राज कुमार को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड 2025 से सम्मानित किया गया&period; साथ ही इंडियन चेस्ट सोसाइटी के बिहार स्टेट चैप्टर को बेस्ट स्टेट चैप्टर अवार्ड प्रदान किया गया&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>कौशल विकास और व्यावहारिक प्रशिक्षण-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>नैपकॉन 2025 के दूसरे दिन चिकित्सकों के लिए ब्रोंकोस्कोपी&comma; इबस&comma; पॉलीसोमनोग्राफी&comma; थोरैसिक अल्ट्रासाउंड&comma;पी एफ टी&comma; मैकेनिकल वेंटिलेशन&comma; मेडिकल थोराकोस्कोपी&comma; पल्मोनरी रेडियोलॉजी&comma; पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन&comma; एक्मो और एलर्जी एवं इम्यूनोथेरेपी पर व्यावहारिक कार्यशालाएँ आयोजित की गईं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ&period; सुधीर कुमार के नेतृत्व में सम्मेलन का सफल संचालन हुआ&period; उनके संगठन और प्रशासनिक समन्वय ने कार्यक्रम को उच्च मानक पर संपन्न कराया&period;उद्घाटन सत्र के पश्चात इनॉगुरल डिनर का आयोजन किया गया&comma; जिसमें प्रतिभागियों ने अनौपचारिक संवाद और अनुभवों का आदान-प्रदान किया&period; बिहार की सांस्कृतिक और मेहमाननवाज़ी ने इस सत्र को विशेष बनाया।<&sol;p>&NewLine;

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