वाल्मीकि नगर से पटना तक ‘टिया’ की शत प्रतिशत शूटिंग बिहार में

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पटना&comma; न्यूज़ क्राइम 24। बिहार सरकार की नई फिल्म प्रोत्साहन नीति राज्य में हिंदी फिल्म निर्माताओं के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं साबित हो रही है। बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम के प्रयासों से अब फिल्म उद्योग का ध्यान लगातार बिहार की ओर आकर्षित हो रहा है। इसका ताजा उदाहरण फिल्म &OpenCurlyQuote;टिया’ है&comma; जिसकी सौ प्रतिशत शूटिंग बिहार में ही की जा रही है। राव देवेंद्र सिंह के निर्देशन में बन रही यह एक सस्पेंस थ्रिलर फिल्म है&comma; जिसमें &OpenCurlyQuote;द कश्मीर फाइल्स’ के अभिनेता दर्शन कुमार और &OpenCurlyQuote;काली काली आंखें’ वेब सीरीज की अभिनेत्री आंचल सिंह मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। बाल कलाकार की भूमिका ईरा सिन्हा निभा रही हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>निर्माता ने फिल्म नीति की सराहना की-<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फिल्म की शूटिंग वाल्मीकिनगर से शुरू हुई और अब राजधानी पटना में चल रही है। फिल्म निर्माता सागर श्रीवास्तव ने राज्य सरकार की इस नीति की खुलकर सराहना की और बताया कि उन्हें शूटिंग के दौरान न केवल सरकारी सहयोग मिला बल्कि स्थानीय लोगों से भी भरपूर समर्थन प्राप्त हुआ। उनका कहना है कि इस नीति के लागू होने के बाद अब कई निर्माता-निर्देशक बिहार को शूटिंग स्थल के रूप में प्राथमिकता दे रहे हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस माह सिनेमाघरों में आएगी &OpenCurlyQuote;टिया’-<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फिल्म का 90&percnt; हिस्सा वाल्मीकिनगर और आसपास के क्षेत्रों में फिल्माया गया है&comma; जबकि शेष 10&percnt; शूटिंग पटना के बोरिंग रोड&comma; मरीन ड्राइव&comma; इस्कॉन मंदिर और राजवंशी नगर जैसी जगहों पर हो रही है। 20 जून तक पूरी शूटिंग समाप्त हो जाएगी और यह फिल्म नवंबर में सिनेमाघरों में रिलीज होने की संभावना है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>घोटवा टोला में फिल्म सेट-<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस फिल्म का एक स्थायी सेट संतपुर सोहरिया पंचायत के घोटवा टोला में बनाया गया&comma; जहां ग्रामीणों ने न केवल जमीन निःशुल्क उपलब्ध कराई&comma; बल्कि स्थानीय जीविका दीदियों ने टीम के भोजन की जिम्मेदारी संभाली। वहीं स्थानीय मजदूरों ने सेट निर्माण में भागीदारी की&comma; जिससे स्थानीय रोजगार को भी मजबूती मिली है। बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा की शुरुआत घोटवा टोला से की थी। निर्माता सागर ने बताया कि बिहार की संस्कृति को बड़े पर्दे पर दिखाने का उनका सपना था&comma; जो राज्य की फिल्म नीति के कारण साकार हो पा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा-<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फिल्मों की शूटिंग से सिर्फ रोजगार ही नहीं&comma; बल्कि पर्यटन को भी बड़ा प्रोत्साहन मिल रहा है। हाल ही में पंकज त्रिपाठी की फिल्म &OpenCurlyQuote;ओ माय डॉग’ की शूटिंग भी पटना में हुई है। इस नीति के तहत वर्तमान में राज्य में 14 फिल्मों को शूटिंग की अनुमति मिल चुकी है&comma; जिनमें से कई पर काम पूरा हो चुका है&comma; जबकि कुछ पर कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त&comma; राज्य सरकार द्वारा जल्द ही डॉक्यूमेंट्री और शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>फिल्म &OpenCurlyQuote;टिया’ की पूरी शूटिंग बिहार में होना राज्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह देखकर प्रसन्नता होती है कि फिल्म निर्माता अब बिहार की संस्कृति&comma; लोकेशंस और स्थानीय प्रतिभाओं को गंभीरता से ले रहे हैं। चाहे वाल्मीकि नगर की प्राकृतिक सुंदरता हो या पटना की आधुनिक पहचान—इन सबको बड़े पर्दे पर देखना गर्व की बात है। मुझे उम्मीद है कि ऐसे प्रयासों से न केवल फिल्म उद्योग को गति मिलेगी&comma; बल्कि स्थानीय युवाओं को नए अवसर भी प्राप्त होंगे। बिहार में इस तरह की रचनात्मक गतिविधियां लगातार बढ़ें—मैं व्यक्तिगत रूप से यही कामना करता हूँ।<&sol;p>&NewLine;

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