अभियान से संस्कृति तक : एम्स पटना में स्वच्छता पखवाड़ा का सार्थक समापन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>एम्स पटना में 1 से 15 अप्रैल तक आयोजित स्वच्छता पखवाड़ा का समापन बुधवार को संस्थान के सभागार में एक गरिमामय समारोह के साथ संपन्न हुआ। 15 दिनों तक चले इस अभियान के दौरान संस्थान में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया जिनमें स्वच्छता अभियान&comma; जन-जागरूकता कार्यक्रम&comma; नुक्कड़ नाटक&comma; प्रतियोगिताएं एवं सामुदायिक सहभागिता शामिल रही।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>समापन समारोह के मुख्य अतिथि&comma; स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय&comma; भारत सरकार के संयुक्त सचिव सौरभ जैन ने अपने संबोधन में कहा कि स्वच्छता को केवल एक निर्धारित अवधि तक सीमित नहीं रखा जा सकता बल्कि इसे दैनिक जीवन और संस्थागत कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने एम्स पटना द्वारा पखवाड़े के दौरान किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहलें व्यवहार परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। कार्यक्रम में कार्यकारी निदेशक प्रो&period; &lpar;ब्रिग&period;&rpar; डॉ&period; राजू अग्रवाल&comma; डीन &lpar;शैक्षणिक&rpar; प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; पूनम भदानी&comma; डीन &lpar;अनुसंधान&rpar; प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; संजय पांडेय एवं डॉ&period; संजीब कुमार घोष सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी&comma; चिकित्सक&comma; छात्र एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>अपने संबोधन में कार्यकारी निदेशक प्रो&period; &lpar;ब्रिग&period;&rpar; डॉ&period; राजू अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छता पखवाड़े की सफलता का आकलन केवल आयोजित कार्यक्रमों से नहीं बल्कि उसमें आए व्यवहारिक परिवर्तन से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता एक सतत प्रक्रिया है जिसे प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना होगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>समारोह के दौरान विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। सीएचएस स्टाफ एवं विभिन्न विभागों को &OpenCurlyQuote;स्वच्छ वार्ड’ श्रेणी में पुरस्कृत किया गया जबकि पोस्टर मेकिंग एवं रील मेकिंग प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी सम्मान प्रदान किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता के संदेश को रचनात्मक और प्रभावी ढंग से प्रसारित किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पखवाड़े के दौरान आयोजित कार्यक्रमों में स्वच्छता शपथ&comma; परिसर एवं वार्डों में विशेष सफाई अभियान&comma; जागरूकता रैलियां&comma; नुक्कड़ नाटक तथा विभिन्न प्रतियोगिताएं शामिल रहीं जिनमें संस्थान के सभी वर्गों&comma; चिकित्सकों&comma; छात्रों&comma; प्रशासनिक कर्मचारियों एवं स्वच्छता कर्मियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यह संपूर्ण अभियान चिकित्सा अधीक्षक डॉ&period; अनुप कुमार के नेतृत्व एवं स्वच्छता पखवाड़ा के नोडल पदाधिकारी डॉ&period; आर&period; के&period; मंडल के मार्गदर्शन में प्रभावी ढंग से संचालित किया गया&comma; जिससे संस्थान में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और सहभागिता को नई दिशा मिली। समापन अवसर पर यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता पखवाड़ा एक अभियान मात्र नहीं बल्कि एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है जिसे संस्थान की कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;

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