गौरीचक थाना क्षेत्र के उदयपुर और लक्ष्मीटोला गांव के बीच गोलीबारी में उदयपुर के चार लोगों को गोली लगी!

&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&lpar;अजित यादव&rpar;&colon;<&sol;strong> गौरीचक थाना क्षेत्र का उदयपुर गांव मंगलवार की देर रात हुई कई राउंड गोलीबारी थर्रा उठा । पाईप चोरी की शिकायत करने पर लक्ष्मीटोला के दबंगो ने उदयपुर गांव में एक ही परिवार के चार सदस्यों को घर मे घुसकर गोली मार दी&period; जिसमे चारो घायलों को ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने इलाज के लिए पटना पीएमसीएच<br>भेजा है। गोलीबारी की घटना से इलाके में तनाव का माहौल है । वही मौके पर पहुंची पुलिस हालात को सम्भालने में जुटी है। ग्रामीणों के मुताबिक करीब दर्जन भर राउंड गोलीबारी हुई है । बताया जाता है कि घायलो में सभी एक ही परिवार के सदस्य शामिल है । घायलों के परिजनों ने पुलिस को बताया है कि पाइप चोरी के आरोपित को शिकायत किया गया तो लक्ष्मी टोला से हथियार से लैस होकर आये लोगो ने घर मे घुसकर चुन चुन कर एक ही परिवार के चार लोगो को गोली मार दिया । घायल लोगो के परिवार के एक सदस्य कमलेश गौरीचक थाना में मुंशी का काम करते हैं । हालांकि इस गोलीबारी में मुंशी कमलेश को गोली नही लगी है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बता दें कि गौरीचक थाना क्षेत्र अंतर्गत उदयपुर और लक्ष्मी टोला गांव आसपास में ही है। वहीं इस गोलीबारी से गांव में अफ़रा तफरी मच गई। इसी गोलीबारी में उदयपुर के एक परिवार के चार लोगों को गोली लग गयी जिससे चारों की हालत गंभीर हो गयी&period; वही गांव में गोलीबारी करके हमलावर भाग खड़े हुए&period; इधर आनन फानन सूचना मिलने पर ग्रामीणों की मदद से गौरीचक थाना पुलिस ने गोली लगने से घायल चारो लोगों को इलाज के लिए पीएमसीएच भेजवाया&period; वहीं गोलीबारी की घटना से दो जातीय विशेष समुदाय में तनाव का माहौल हो गया है&period; गौरीचक थानाध्यक्ष लालमणि दुबे ने बताया कि पाईप चोरी की घटना को लेकर विवाद बढ़ गया जिसके बाद दो जातीय विशेष गुटों में गोलीबारी हुई है। इसमे एक पक्ष के चार लोगों को गोली लगी है जिन्हें इलाज के लिए अस्प्ताल भेजा गया है।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

सेकंड चांस कार्यक्रम के तहत बालिकाओं के लिए मॉक टेस्ट का सफल आयोजन

ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत करने को लेकर पटना यातायात पुलिस की बैठक

एम्स पटना में विश्व किडनी दिवस 2026 पर जागरूकता कार्यक्रम, समय पर जांच और अंगदान पर दिया गया जोर