पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री और पाटलीपुत्र के सांसद राम कृपाल यादव ने केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी को पत्र लिखा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&lpar;अजीत यादव&rpar;&colon; <&sol;strong>पाटलिपुत्र संसदीय क्षेत्र अंतर्गत फुलवारी शरीफ इलाके से गुजरने वाली पटना बक्सर रोड के एलाइनमेंट में भुसौला दानापुर &&num;8211&semi; से नत्थूपुर का एलाइनमेंट को रद्द कर देने की जानकारी मिलने पर<br>पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री और पाटलीपुत्र के सांसद राम कृपाल यादव ने केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी को पत्र लिखकर भुसौला दानापुर &&num;8211&semi; से नत्थूपुर का एलाइनमेंट को पुनर्बहाली की मांग की है। सांसद ने पत्र में लिखा है कि भुसौला- दानापुर से नत्थूपुर एलाइनमेंट में नवादा&comma; नोहसा&comma; कुरकुरी&comma; फुलवारी&comma; बेउर&comma; हसनपुरा&comma; नत्थूपुर&comma; पकड़ी&comma; चितकोहरा में भूमि का अधिग्रहण लगभग हो चुका है। हालांकि भुसौला मौजा में अधिग्रहण बाकी है&comma; लेकिन वहाँ भी सरकारी जमीन काफी है। सांसद श्री यादव ने अनुरोध किया है कि रद्द भुसौला-नत्थूपुर एलाइनमेंट को पुनर्जीवित किया जाय ताकि पटना को एक बाईपास मिल जाय। अभी जो ट्रैफिक अनीसाबाद-एम्स रोड हो कर निकलती हैं&comma; वो पकड़ी- नत्थूपुर से एम्स पहुंचे ताकि पटना शहर को अनीसाबाद से फुलवारी- एम्स तक कि महाजाम से मुक्ति मिल सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सांसद रामकृपाल यादव ने रद्द एलाइनमेंट को पुनर्जीवित करने के पक्ष में महत्वपूर्ण बातों की चर्चा किया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर बताया है कि अभी वर्तमान में पटना बख्तियारपुर रोड एन एच 31 जो अनीसाबाद में मिलती है&comma; वो फुलवारी होते हुए पटना एम्स जाकर एनएच 98 में मिलती है।<br &sol;>यह एकमात्र सड़क है&comma; जिसे पटना बाईपास भी कहते हैं&comma; जो पूर्वी पटना को पश्चिमी पटना से जोड़ती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस सड़क पर पहले से हीं ट्रैफिक लोड काफी ज्यादा है। अब उसपर ट्रैफिक लोड बढ़ने वाला है क्योंकि गांधी सेतु के समानांतर एक और पुल का निर्माण हो रहा है। दूसरा डोभी-गया- पटना एनएच 83 भी उसी रोड पर मिल रहा है। उसके अलावा कई सड़कें राज्य सरकार द्वारा बनाई गई हैं या बनाई जा रही हैं&comma; उन सबका ट्रैफिक लोड भी उसी सड़क पर आने वाला है या आ रहा है।अब स्थिति यह बन रही है कि अनीसाबाद से पटना एम्स तक &&num;8220&semi;बोटल नेक&&num;8221&semi; जैसे हालात बन गए हैं। भविष्य में गांधी सेतु का अतिरिक्त पुल और पटना डोभी सड़क का ट्रैफिक बढ़ने से हालात और बदतर हो जाएंगे।<&sol;p>&NewLine;

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