देश में पहली बार : 6 वर्षीय बच्चे की 3.1 किलो तिल्ली सफलतापूर्वक हटाई गई

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> एम्स पटना के पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग ने एक बड़ी चिकित्सीय कामयाबी हासिल करते हुए गौचर रोग &lpar;Gaucher’s disease&rpar; से पीड़ित 6 वर्षीय बच्चे की सफल स्प्लीनक्टॉमी &lpar;तिल्ली हटाने&rpar; की सर्जरी की है&period; बच्चे का वज़न 18 किलोग्राम था&comma; जबकि उसकी तिल्ली 3&period;1 किलोग्राम &lpar;30 x 20 सेमी&rpar; की हो चुकी थी — जो भारत में इस आयु वर्ग के किसी बच्चे में अब तक हटाई गई सबसे बड़ी तिल्ली मानी जा रही है&period;एम्स पटना ने इसे संस्थान की बड़ी उपलब्धि और बाल शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति बताया है&period; यह सर्जरी न केवल चिकित्सा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि दुर्लभ बीमारियों के उपचार में नई आशा भी जगाती है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<figure class&equals;"wp-block-image size-large"><img src&equals;"https&colon;&sol;&sol;newscrime24&period;com&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2025&sol;11&sol;img-20251104-wa00244319843111244485374-840x840&period;jpg" alt&equals;"" class&equals;"wp-image-77026"><&sol;figure>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस जटिल सर्जरी का नेतृत्व पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के डॉ&period; अमित कुमार और डॉ&period; अमित कुमार सिन्हा ने किया&period; उनकी टीम में सर्जन डॉ&period; राशि&comma; डॉ&period; दिगंबर&comma; डॉ&period; गौरव&comma; डॉ&period; सौरव&comma; एनेस्थेटिस्ट डॉ&period; नीरज कुमार और पीडियाट्रिशियन डॉ&period; प्रताप पात्रा शामिल थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बच्चे को लंबे समय से पेट का आकार बढ़ने&comma; कमजोरी और बार-बार संक्रमण जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था&period; जांच में पुष्टि हुई कि वह गौचर रोग से पीड़ित है&comma; यह एक दुर्लभ आनुवांशिक बीमारी है जिसमें ग्लुकोसेरेब्रोसिडेज़ एंजाइम की कमी के कारण तिल्ली और यकृत में वसायुक्त पदार्थ असामान्य रूप से जमा होने लगता है। सर्जरी के दौरान डॉक्टरों को असामान्य रूप से बढ़ी हुई तिल्ली और अत्यधिक रक्तस्राव जैसी तकनीकी चुनौतियों से जूझना पड़ा&comma; लेकिन विशेषज्ञ टीम ने इसे सफलतापूर्वक अंजाम दिया&period; ऑपरेशन के बाद बच्चे को स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

नौकरी का सुनहरा मौका : पटना में महिलाओं के लिए दो दिवसीय मेगा जॉब फेयर

नवजात बच्चे की पहली सांस बचाने के लिए एम्स में विशेषज्ञों ने किया मंथन

पटना साहिब विधानसभा के सभी मंडलों में होगा दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर