अंगदान का संकल्प लेने के साथ ही एम्स पटना में “अंगदान–जीवन संजीवनी” अभियान का हुआ समापन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान &lpar;एम्स&rpar;&comma; पटना में सोमवार को 16वाँ भारतीय अंगदान दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 27 जुलाई से 3 अगस्त 2026 तक चलाए गए &&num;8220&semi;अंगदान–जीवन संजीवनी अभियान&&num;8221&semi; के समापन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में अंगदान के महत्व को जन-जन तक पहुँचाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो&period; &lpar;ब्रिगेडियर&rpar; डॉ&period; राजू अग्रवाल रहे। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; प्रशांत कुमार सिंह&comma; वृक्क रोग विभागाध्यक्ष प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; अमरेश कृष्ण&comma; शल्य गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; उत्पल आनंद&comma; मूत्ररोग विभागाध्यक्ष डॉ&period; कमलेश गुंजन&comma; संस्थान के चिकित्सक&comma; नर्सिंग अधिकारी&comma; विद्यार्थी&comma; मरीज&comma; उनके परिजन तथा बड़ी संख्या में अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में प्रो&period; &lpar;ब्रिगेडियर&rpar; डॉ&period; राजू अग्रवाल ने कहा कि &&num;8220&semi;अंगदान मानवता की सबसे महान सेवा है। एक व्यक्ति का यह निर्णय कई लोगों को नया जीवन दे सकता है।&&num;8221&semi; उन्होंने लोगों से स्वयं अंगदान का संकल्प लेने और अपने परिवार एवं समाज को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब एक दिवंगत अंगदाता के परिजनों को उनके प्रेरणादायी और मानवता के प्रति समर्पित निर्णय के लिए सम्मानित किया गया। संस्थान ने उन्हें सम्मान-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर उनके प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। इस अवसर पर अंगदान जागरूकता सप्ताह के दौरान आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को पदक एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उनकी रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करना था।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम में ट्रॉमा सेंटर की टी-4 एवं ट्रायेज टीम के नर्सिंग इंचार्ज सहित सभी नर्सिंग अधिकारियों को ब्रेन स्टेम डेथ की समयबद्ध सूचना&comma; उत्कृष्ट समन्वय तथा मृतक अंगदान प्रक्रिया में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशंसा प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए। संस्थान ने उनके समर्पण को सफल मृतक अंगदान एवं अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम की मजबूत नींव बताया। उल्लेखनीय है कि &&num;8220&semi;अंगदान–जीवन संजीवनी अभियान&&num;8221&semi; के अंतर्गत पूरे सप्ताह अंगदान से संबंधित कई जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस पूरे अभियान के सफल संचालन और समन्वय में किडनी ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर ललन कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी योजनाबद्ध कार्यशैली और सतत प्रयासों से सप्ताहभर के सभी कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुए। अभियान में लिवर ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर जेनिल राज ने भी सक्रिय सहयोग दिया। यह कार्यक्रम एम्स पटना के मूत्ररोग विभाग&comma; वृक्क रोग विभाग एवं शल्य गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने अंगदान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को इस महादान के लिए प्रेरित करने का सामूहिक संकल्प लिया।<&sol;p>&NewLine;

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