पंद्रह सदस्यीय पर्यावरण का दल हुआ रवाना

&NewLine;<p><strong>समस्तीपुर&lpar;रमेश शंकर झा&rpar;&colon;<&sol;strong> देश के महत्वपूर्ण बक्सवाहा जंगल मध्यप्रदेश को बचाने के लिए 1 से 3 अगस्त को जबलपुर में हो रहे राष्ट्रीय प्रकृति पर्यावरण संसद में भाग लेने के लिए शनिवार को समस्तीपुर से 15 सदस्यीय पर्यावरण सेनानियों का दल पवन एक्सप्रेस से जबलपुर के लिए रवाना हुआ। वहीं पर्यावरण योद्धा सह जिला स्वयंसेवी संस्था संघ के कार्यकारी अध्यक्ष राजीव गौतम&comma; पर्यावरण योद्धा सह जिला स्वयं सेवी संस्था संघ व प्रगति आदर्श सेवा केंद्र के सचिव संजय कुमार बबलू के नेतृत्व में युवा शौर्य के सचिव दीपक कुमार&comma; दी एलीट सोसाइटी के जीतेन्द्र कुमार&comma; प्रयास सेवा केंद्र के विकास कुमार कैब&comma; आदर्श उत्थान सेवा संस्थान की रीना कुमारी&comma; मजदूर नेता संतोष कुमार निराला&comma; एकता युवा मंडल सैदपुर के अध्यक्ष मो० एजाज&comma; युवा शक्ति क्लब के उपाध्यक्ष अंकित कुमार&comma; सदस्य आयुष कुमार आदि पर्यावरण सेनानियों का समस्तीपुर दल सरैसा की माटी&comma; पानी और पेड़ लेकर प्रस्थान किया हैं। वहीं इन पेड़ों को बक्सवाहा के जंगल में लगाया जायेगा और समस्तीपुर का जल वहाँ की नदी में डालकर राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया जायेगा। इस मौके पर पर्यावरण योद्धा संजय कुमार बबलू और राजीव गौतम ने कहा कि मध्यप्रदेश के छतरपुर में बक्सवाहा जंगल है। वहां साढ़े सात करोड़ की आबादी वाले राज्य में प्राणवायु ऑक्सीजन देने वाला बक्सवाहा जंगल का अस्तित्व खतरे में है। यहां पर हीरा खनन के लिए जंगल को काटने की सरकारी प्रक्रिया जारी है। ऐसा होने पर 8000 आदिवासियों की आजीविका संकट में पड़ जाएगी। वहीं वन्यजीवो&comma; पशुओं और पक्षियों का समूह नष्ट हो जाएगा&comma; इसके साथ ही पर्यावरण संतुलन का संकट हो जायेगा&comma; जोकि कोरोना काल के लिए भयंकर होगा। क्षेत्र में ऑक्सीजन और हरियाली का घोर आभाव हो जाएगा। देश के हजारो पर्यावरण प्रेमी इसका विरोध कर रहे हैं।<&sol;p>&NewLine;

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