बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के विशेषज्ञों ने किसानों को दिया तकनीकी मार्गदर्शन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> मोकामा स्थित टी&period;डी&period;एम&period; डेयरी फार्म में एक दिवसीय वैज्ञानिक-किसान संवाद एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम मे बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय&comma; पटना से आए विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक तकनीकी जानकारी दी&period; इस कार्यक्रम का आयोजन फार्म के मालिक कुमार संभव द्वारा किया गया&comma; जो डेयरी एंड कैटल एक्सपो-2023&comma; पटना की दुग्ध प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार विजेता रह चुके हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस अवसर पर निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ&period; निर्मल सिंह दहिया ने सतत डेयरी व्यवसाय के लिए वैज्ञानिक प्रजनन&comma; संतुलित पोषण&comma; स्वास्थ्य देखभाल और समुचित प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया&period; वहीं उपनिदेशक प्रसार शिक्षा डॉ&period; वाई&period;एस&period; जादौन ने किसानों को विश्वविद्यालय की विभिन्न प्रसार सेवाओं से अवगत कराया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सह-प्राध्यापक पशु पोषण डॉ&period; धर्मेन्द्र कुमार ने संतुलित आहार एवं उचित पोषण प्रबंधन को डेयरी विकास की कुंजी बताया&period; सह-प्राध्यापक पशु चिकित्सा विज्ञान डॉ&period; मृत्युंजय कुमार ने दुग्धारु पशुओं में सामान्य रोगों की रोकथाम&comma; कृमिनाशन और समय पर टीकाकरण की अहमियत पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में बिहार&comma; उत्तर प्रदेश&comma; पश्चिम बंगाल और झारखंड से आए 60 से अधिक किसानों ने हिस्सा लिया&period; किसानों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याओं का समाधान पाया।<&sol;p>&NewLine;

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