जिलाधिकारी द्वारा मद्यनिषेध मामलों की समीक्षा की गई

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> समाहर्ता-सह-जिलाधिकारी&comma; पटना डॉ&period; त्यागराजन एस&period;एम&period; द्वारा आज मद्य-निषेध एवं उत्पाद से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को जब्त शराब का अविलंब विनष्टीकरण एवं जब्त वाहनों के लंबित अधिहरण का प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने&comma; विधिवत मूल्यांकन एवं नीलामी करने का निदेश दिया गया। सभी अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को संयुक्त रूप से लंबित मामलों की थानावार समीक्षा कर त्वरित गति से निष्पादित कराने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश दिया कि शराब माफियाओं के विरूद्ध विधि-सम्मत सख्त कार्रवाई करें। शराब की जप्ती ज्यादा-से-ज्यादा करें। चेकपोस्ट को क्रियाशील रखें तथा स्वयं वरीय पदाधिकारी इसकी निगरानी करें। उन्होंने कहा कि पूर्ण मद्य निषेध वाले राज्य में शराब से संबंधित किसी भी तरह की अनियमितता या मिलीभगत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी व्यक्तियों&comma; चाहे वे कोई भी हों&comma; के विरूद्ध सख्त-से-सख्त कार्रवाई की जाएगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आज की बैठक में समाहर्ता-सह-जिलाधिकारी द्वारा मद्यनिषेध एवं उत्पाद मामलों में प्रगति की बिन्दुवार विस्तृत समीक्षा की गयी। शराबबंदी अभियान के तहत वाहनों की नीलामी&comma; राजसात&comma; अभियोग&sol;जप्त शराब की विवरणी तथा विनष्टीकरण से संबंधित अद्यतन प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि मद्य-निषेध अभियान का सफल क्रियान्वयन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग&comma; तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। लंबित मामलों को उच्च प्राथमिकता के आधार पर अभियान चलाकर निष्पादित करें। अधिकारियों को नियमित छापामारी&comma; गिरफ्तारी एवं जप्ती करने का निदेश दिया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सहायक आयुक्त &lpar;मद्यनिषेध&rpar; द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। इसके अनुसार लगभग 2&comma;04&comma;324 &lpar;दो लाख चार हजार तीन सौ चौबीस&rpar; लीटर शराब विनष्टीकरण हेतु शेष है। इसमें उत्पाद विभाग के पास 32&comma;439&period;071 लीटर शराब&semi; पुलिस विभाग के पास 1&comma;69&comma;134&period;069 लीटर शराब तथा रेल पुलिस विभाग के पास 2&comma;750&period;918 लीटर शराब विनष्टीकरण हेतु लंबित है। जिलाधिकारी ने इतनी अधिक मात्रा में शराब विनष्टीकरण हेतु लंबित रहने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे विधिवत तुरत विनष्टीकरण करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास अत्यधिक मात्रा में शराब विनष्टीकरण हेतु लंबित है। मालसलामी&comma; दीदारगंज&comma; बाईपास&comma; मनेर&comma; बेउर&comma; फुलवारीशरीफ&comma; अगमकुआँ तथा फतुहा थाना में प्रत्येक में पाँच-पाँच हजार लीटर से अधिक मात्रा में शराब पड़ा हुआ है। यह अच्छी स्थिति नहीं है। अधिकारियों को थानों में विनष्टीकरण हेतु लंबित शराब की मात्रा का भौतिक सत्यापन करते हुए इसका अभियान चलाकर अविलंब प्रक्रियानुसार विनष्टीकरण करने का निदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में अतार्किक आधार पर शराब का विनष्टीकरण पेंडिंग न रखें। इसका उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>समीक्षा में पाया गया कि वाहन अधिहरण के 510 वाद लंबित है। जब्त किए गए 1&comma;256 वाहनों का मूल्यांकन किया जाना है। जिलाधिकारी ने जिला परिवहन पदाधिकारी एवं उत्पाद आयुक्त को आपस में समन्वय कर तीव्र गति से प्रक्रियानुसार वाहनों का मूल्यांकन एवं नीलामी कराने का निर्देश दिया। उन्होंने निदेश दिया कि एमवीआई वाहनों के मूल्यांकन हेतु जब भी थाना जाएँ थाना स्तर से सभी सहयोग प्रदान किया जाए। डीएम ने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर अधिहरण वादों को समय-सीमा के अंदर निष्पादित करने का निदेश दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिलाधिकारी ने कहा कि शराब विनष्टीकरण का प्रस्ताव जैसे ही प्राप्त होता है निर्धारित समय-सीमा के अंदर जिला से आदेश पारित हो जाता है। उन्होंने पारित आदेश के विरूद्ध शराबों के भौतिक विनष्टीकरण कार्य को तत्परता से निष्पादित करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि विनष्टीकरण में विलंब किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। देशी शराब का विनष्टीकरण अधिकतम 10 दिनों के अंदर तथा विदेशी शराब का विनष्टीकरण अधिकतम 15 दिनों के अंदर हो जाना चाहिए। जिन थानों में 1&comma;000 लीटर से ज्यादा शराब विनष्टीकरण हेतु लंबित है उसे स्पेशल ड्राईव चलाकर निष्पादित करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी स्थिति में एक महीना के औसत जब्ती से अधिक मात्रा में शराब विनष्टीकरण के लिए लंबित नहीं रहना चाहिए अन्यथा दोषी थानाध्यक्षों एवं अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शराब विनष्टीकरण के लिए थानावार सप्ताह में 2 दिन दण्डाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को तैनात रखें। अधिकारियों को नियमित तौर पर छापामारी&comma; गिरफ्तारी एवं जप्ती करने का निदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निदेश दिया कि जब्त किए गए वाहनों के अधिहरण का प्रस्ताव निर्धारित समय-सीमा के अंदर जिला को उपलब्ध कराएँ। सभी अनुमंडल पदाधिकारी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नियमित अनुश्रवण करते हुए आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करें।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डीएम ने कहा कि शराब की जब्ती एवं विनष्टीकरण में गैप तथा जब्त वाहनों की संख्या एवं अधिहरण हेतु प्रस्ताव में अंतर स्वीकार्य नहीं है। निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार सभी पदाधिकारियों को तेजी से कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि हर सप्ताह उनके स्तर से इसकी समीक्षा की जाएगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>शराब माफिया&comma; बालू माफिया&comma; भू-माफिया&comma; मद्य निषेध के संगठित गिरोहों एवं गैरकानूनी आर्थिक गतिविधियों तथा अपराध में संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध सीसीए सहित विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में जीरो टॉलरेंस के सिद्धांत का अनुसरण किया जाता है।………&period; जिलाधिकारी&comma; पटना<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिलाधिकारी ने कहा कि मद्यनिषेध अधिनियम के क्रियान्वयन में पटना जिला द्वारा अच्छा काम किया जाता रहा है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को अधिहरण वादों का निष्पादन&comma; शराब विनष्टीकरण तथा कन्विक्शन दर में तेजी लाने के लिए तत्परता से कार्य करने का निदेश दिया।<&sol;p>&NewLine;

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