प्राचीन शिव मंदिर की चारदीवारी को लेकर फुलवारी में विवाद, स्थानीय लोगों और वार्ड पार्षद ने किया विरोध

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारी शरीफ&comma; अजीत &colon;<&sol;strong> फुलवारी शरीफ प्रखंड परिषद क्षेत्र स्थित प्राचीन शिव मंदिर की चारदीवारी निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है&period; मंदिर से सटे तालाब के पास स्थित इस ऐतिहासिक मंदिर के चारों ओर की जा रही घेराबंदी का स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं&period; वार्ड पार्षद विनोद महतो के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने निर्माण कार्य को रोकने की मांग की है&period;रामकुमार तिवारी&comma; देवानंद शर्मा जितेंद्र कुमार अशोक&comma; माधव पासवान सुरेश प्रसाद चौहान&comma; नीलू कुमारी दयावती देवी फूला देवी&comma; दुर्गा देवी बबिता देवी शकुंतला देवी संध्या कुमारी अस्तुरनि देवी&comma; हर्ष कुमार राजीव रंजन सिंह&comma; सूरज कुमार गुप्ता रवि चौधरी&comma; शत्रुघन कुमार रवि प्रसाद मनोज कुमार विमला देवी उमरावती देवी आशा देवी लक्ष्मी देवी कन्हैया देवी पुष्पा देवी रीता देवी उमा देवी सहित सैकड़ो लोगों ने हस्ताक्षर करके निर्माण कर रोकने की मांग की है&period;स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं&period; उनका कहना है कि निर्माण मानकों के विरुद्ध किया जा रहा है और इस कार्य में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार की आशंका है&period; इस संबंध में अंचलाधिकारी&comma; जिलाधिकारी और राज्य धार्मिक न्यास परिषद को पूर्व में लिखित शिकायत दी जा चुकी है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>स्थानीय लोगों का आरोप है कि मंदिर की जिस चारदीवारी का निर्माण हो रहा है&comma; वह पूरी तरह से पारदर्शिता और जन-सहमति के बिना शुरू किया गया है&period; उनका कहना है कि मंदिर वर्षों से खुला और सार्वजनिक रहा है&comma; जहां दूर से ही श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन हो जाते थे&period; यह स्थान वर्षभर धार्मिक आयोजनों&comma; शादी-विवाह&comma; छठ पूजा जैसे सामाजिक आयोजनों का केंद्र रहा है&period; चारदीवारी बन जाने से न सिर्फ इसकी खुली दृश्यता समाप्त हो जाएगी&comma; बल्कि अंदर क्या गतिविधियां चल रही हैं&comma; यह बाहर से कोई देख भी नहीं पाएगा&period; लोगों ने यह भी आशंका जताई कि घेराबंदी के बाद चारदीवारी के पीछे असामाजिक गतिविधियों का खतरा बढ़ सकता है&period; खासकर तालाब क्षेत्र में पहले भी कई लोग डूबकर आत्महत्या की कोशिश कर चुके हैं&comma; जिन्हें खुला स्थान होने के कारण समय रहते देखा और बचाया जा सका&period; चारदीवारी हो जाने पर ऐसी घटनाओं पर नियंत्रण मुश्किल हो जाएगा&period;ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बिना जनसहमति के यह निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया गया&comma; तो स्थिति तनावपूर्ण हो सकती है और मारपीट या अनहोनी जैसी घटनाएं भी घट सकती हैं&period;<&sol;p>&NewLine;

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