ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद नहीं चेता प्रशासन, टूटा रिंग बांध…

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजीत।<&sol;strong> फुलवारी शरीफ और संपतचक प्रखंड की सीमा से सटे पुनपुन नदी किनारे कूड़ा नवादा बंगला पर गांव में ग्रामीणों की लगातार शिकायत के बावजूद रिंग बांध की मरम्मत नहीं कराना प्रशासन और जल संसाधन विभाग को भारी पड़ा&period; कई दिनों से रिसाव के बाद बीती रात रिंग बांध अचानक टूट गया और देखते ही देखते पुनपुन नदी का पानी पूरे गांव में फैल गया&period; देखते ही देखते करीब 170 घर बाढ़ के पानी से घिर गए&period; इनमें करीब 70 परिवारों के घरों में पानी इस कदर घुस गया कि अनाज&comma; कपड़े&comma; बर्तन&comma; फर्नीचर&comma; अलमारी&comma; दस्तावेज&comma; गहने और घर-गृहस्थी का अन्य सामान पानी में डूबकर बर्बाद हो गया&period; मवेशियों के चारे तक पानी में डूब गए हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बांध टूटने के बाद रात के अंधेरे में तेजी से पानी गांव में प्रवेश करने लगा&period; देखते ही देखते गलियों&comma; रास्तों और घरों में पानी भर गया&period; ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई और लोग किसी तरह घरों से निकलकर सुरक्षित स्थान और रिंग बांध पर शरण लेने लगे&period; ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते रिसाव की मरम्मत करा दी जाती तो आज पूरा गांव बाढ़ में नहीं डूबता&period; घटना के बाद इलाके में प्रशासन और जल संसाधन विभाग के प्रति भारी आक्रोश है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>रिसाव की कई दिनों से दी जा रही थी सूचना-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>संपतचक प्रखंड के कांडापुर-तारणपुर पंचायत के मुखिया राजू कुमार ने बताया कि कूड़ा नवादा बंगला पर गांव में करीब 170 परिवार रहते हैं और लगभग सभी घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है&period; उन्होंने बताया कि रिंग बांध में कई दिनों से रिसाव हो रहा था&period; इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को लगातार दी जा रही थी&period; पानी का दबाव बढ़ने के बाद भी समय रहते बांध की मरम्मत नहीं कराई गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुखिया के अनुसार&comma; जब बांध से पानी तेज गति से रिसने लगा और गांव की ओर पानी बढ़ने लगा तो इसकी सूचना जेई को तत्काल दी गई&period; ग्रामीणों का आरोप है कि पहले से शिकायत किए जाने के बावजूद विभागीय स्तर पर गंभीरता नहीं दिखाई गई&period; ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों की ओर से यह कहकर टाल दिया जाता था कि बांध टूटेगा तभी मरम्मत होगी&period; आखिरकार वही हुआ जिसका ग्रामीणों को डर था और रिंग बांध टूटने के बाद पूरा गांव बाढ़ की चपेट में आ गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>जेई को ग्रामीणों ने बनाया बंधक-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>रिंग बांध टूटने के बाद सिंचाई विभाग के जेई मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा&period; आक्रोशित ग्रामीणों ने जेई को बंधक बना लिया और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की&period; ग्रामीणों का कहना था कि जब बांध में रिसाव की शिकायत की जा रही थी&comma; तब अधिकारी मौके पर पहुंचकर मरम्मत क्यों नहीं करा रहे थे&period; ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण आज उन्हें लाखों-करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान उठाना पड़ रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जेई को बंधक बनाए जाने की सूचना मिलने पर रात करीब तीन बजे परसा बाजार थानाध्यक्ष मेनका रानी पुलिस बल के साथ कूड़ा नवादा बंगला पर पहुंचीं&period; पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया&period; काफी प्रयास के बाद जेई को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया गया&period; इसके बाद ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया कि टूटे रिंग बांध की मरम्मत का काम सुबह से शुरू कराया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>तीन घंटे बाद शुरू हुआ मरम्मत का काम-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुखिया राजू कुमार ने बताया कि जेई के मौके पर पहुंचने के बावजूद करीब तीन घंटे बाद मजदूरों को मरम्मत कार्य में लगाया गया&period; हालांकि रिंग बांध की मरम्मत अब तक पूरी तरह नहीं हो सकी है&period; टूटे हिस्से से पानी का दबाव बना हुआ है और लगातार पानी गांव की ओर फैल रहा है&period; पूरा गांव बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है&period; ऐसी स्थिति में ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>70 परिवारों का घर-गृहस्थी का सामान बर्बाद-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ग्रामीणों के मुताबिक करीब 70 परिवारों के घरों में बाढ़ का पानी घुसने से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है&period; घरों में रखा अनाज&comma; कपड़ा&comma; बर्तन&comma; फर्नीचर&comma; अलमारी&comma; जरूरी कागजात और अन्य सामान पानी में डूब गया&period; कई घरों में रखे कीमती सामान और गहने भी पानी की चपेट में आने से नुकसान होने की बात ग्रामीणों ने बताई&period; मवेशियों के लिए रखा चारा भी बर्बाद हो गया है&period; ग्रामीणों का कहना है कि घरों में पानी भरने के बाद वे सामान बचाने की स्थिति में भी नहीं थे और जान बचाकर बाहर निकलना पड़ा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बांध पर शरण&comma; सामुदायिक किचेन शुरू-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोग रिंग बांध और ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं&period; स्थिति को देखते हुए अंचल प्रशासन की ओर से सामुदायिक किचेन शुरू कराया गया है&period; हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि सामुदायिक किचेन में भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से अव्यवस्था की स्थिति बन रही है&period; प्रभावित परिवारों के लिए भोजन के साथ-साथ पीने का पानी&comma; दवा&comma; पशुचारा&comma; तिरपाल और अन्य जरूरी राहत सामग्री की तत्काल जरूरत है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>खेत-खलिहान और फसल भी डूबी-<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बाढ़ का पानी केवल घरों तक ही सीमित नहीं है&comma; बल्कि गांव के खेत-खलिहान भी पूरी तरह पानी में डूब गए हैं&period; खेतों में लगी फसल बर्बाद हो गई है&period; किसानों के सामने अब फसल के साथ-साथ पशुओं के चारे का भी संकट खड़ा हो गया है&period; ग्रामीणों का कहना है कि घर-गृहस्थी का सामान&comma; अनाज और पशुचारा बर्बाद होने के साथ खेतों में लगी फसल भी पानी में डूब गई है&comma; जिससे उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>हर तरफ बर्बादी का मंज<&sol;strong>र-<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ग्रामीणों का कहना है कि गांव में ऐसा कोई घर&comma; गली या रास्ता नहीं बचा है जहां बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा हो&period; चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है&period; लोग अपने घरों में फंसे सामान और मवेशियों को लेकर परेशान हैं&period; कई परिवारों के सामने अब रहने और खाने की समस्या खड़ी हो गई है&period; ग्रामीणों ने सरकार और जिला प्रशासन से बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने&comma; प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता देने और रिंग बांध की मजबूत तरीके से मरम्मत कराने की मांग की है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ग्रामीणों का आरोप है कि जल संसाधन विभाग&comma; जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को समय रहते रिंग बांध में हो रहे रिसाव की जानकारी थी&period; इसके बावजूद स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई&period; अब बांध टूटने के बाद पूरा गांव बाढ़ की चपेट में है और लोगों की लाखों-करोड़ों रुपये की संपत्ति बर्बाद होने का दावा किया जा रहा है&period; ग्रामीणों ने लापरवाही की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की है।<&sol;p>&NewLine;

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