211 नए डिग्री कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति जल्द शुरू करने की मांग

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बिहार के विभिन्न प्रखंडों में स्थापित 211 नए डिग्री कॉलेजों में उर्दू&comma; फारसी&comma; अरबी&comma; मैथिली एवं संस्कृत विषयों के असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने की मांग की है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>तेजस्वी यादव ने अपने पत्र में कहा है कि नए डिग्री कॉलेजों में शिक्षण व्यवस्था को सुचारु और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति जरूरी है। उनके अनुसार&comma; इन महाविद्यालयों में ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बड़ी संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में संबंधित विषयों के शिक्षकों की उपलब्धता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए आवश्यक है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने मांग की है कि 211 नए डिग्री कॉलेजों में उर्दू&comma; फारसी&comma; अरबी&comma; मैथिली एवं संस्कृत विषयों की आवश्यकता के अनुसार विषयवार असिस्टेंट प्रोफेसरों के पदों का निर्धारण और स्वीकृति की जाए। साथ ही&comma; स्वीकृत पदों को लेकर अविलंब आधिकारिक अधिसूचना जारी कर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पत्र में स्वीकृत पदों पर असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियमित नियुक्ति के लिए भर्ती प्रक्रिया तत्काल शुरू करने तथा इसे पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग की गई है। नियमित नियुक्ति होने तक संबंधित विषयों की पढ़ाई प्रभावित न हो&comma; इसके लिए अंतरिम शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग रखी गई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>तेजस्वी यादव ने कहा है कि उर्दू&comma; फारसी&comma; अरबी&comma; मैथिली और संस्कृत बिहार की भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता के महत्वपूर्ण अंग हैं। इन विषयों में शिक्षकों की नियुक्ति को उन्होंने रोजगार के साथ विद्यार्थियों के शैक्षिक अधिकार&comma; भाषाई संरक्षण&comma; गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और सांस्कृतिक विविधता से जुड़ा विषय बताया है। उन्होंने जनहित और विद्यार्थी हित में मामले पर अविलंब अधिसूचना जारी कर बहाली की प्रक्रिया शुरू कराने तथा निर्धारित समय-सीमा में नियुक्ति पूरी कराने की कार्रवाई किए जाने की मांग की है।<&sol;p>&NewLine;

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