बिहार में कोल्ड डे के हालत, पटना समेत कई जिलों में चौथे दिन भी धूप नदारद

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> बिहार की राजधानी पटना समत विभिन्न जिलों में सर्दी का सितम अभी इसी तरह जारी रहेगा&period; सर्दी से निजात आने वाले कुछ दिनों तक नहीं मिलने वाली है अभी सर्दी और बढ़ने ही वाली है। बिहार में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है&period; शनिवार को राजधानी पटना सहित राज्य के अधिकांश जिलों में शीत दिवस जैसी स्थिति बनी रही&period; दिन और रात के तापमान का अंतर काफी कम हो गया है&period; लगातार तीसरे दिन राज्य के कई हिस्सों में धूप नहीं निकली&comma; जिससे ठंड और ज्यादा चुभने लगी है। पटना&comma; पूर्णिया&comma; भागलपुर&comma; मुंगेर&comma; तिरहुत और शाहाबाद प्रमंडल के जिलों में सुबह से ही कोहरे की सफेद चादर छाई रही&period; दृश्यता कई इलाकों में बेहद कम हो गई&comma; जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ&period; गया में न्यूनतम दृश्यता घटकर मात्र 50 मीटर तक दर्ज की गई&period; राजधानी पटना में ठंड ने पिछले 14 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है&period; पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में करीब 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>पटना का अधिकतम तापमान 14&period;8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया&comma; जो दिसंबर माह में बीते 14 वर्षों में सबसे कम बताया जा रहा है&period; मौसम विज्ञान केंद्र&comma; पटना के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान राज्य का मौसम शुष्क बना रहा&period; हालांकि पश्चिमी और मध्य बिहार के कई जिलों में न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है&period; गया में न्यूनतम तापमान 8&period;0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया&comma; जो राज्य में सबसे कम रहा&period;बिहार की राजधानी पटना सहित राज्य के कई जिलों में कड़ाके की ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है&period; खासकर भागलपुर&comma; गया&comma; जहानाबाद और दक्षिणी बिहार के कई जिलों में दिन और रात दोनों समय ठंड का असर सबसे अधिक महसूस किया जा रहा है&period; मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी भारत के पर्वतीय इलाकों में हो रही बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण बिहार में शीत दिवस जैसी स्थिति बनी हुई है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि समुद्र तल से अपेक्षाकृत कम ऊंचाई पर उपोष्ण कटिबंधीय जेट स्ट्रीम लगातार सक्रिय बनी हुई है&period; इसके दबाव के कारण हिमालय क्षेत्र से सर्द पछुआ हवाएं मैदानी इलाकों की ओर बढ़ रही हैं&comma; जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है और ठंड का असर अधिक बढ़ गया है। ठंड और घने कोहरे के कारण राज्य में रेल&comma; सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो रहा है&period; सुबह और देर रात दृश्यता बेहद कम रहने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है&period; कई इलाकों में देर तक कोहरा छाए रहने से सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल मौसम में किसी बड़े सुधार के संकेत नहीं हैं&period; पश्चिमी विक्षोभ का असर बना हुआ है&comma; जिससे आने वाले दिनों में भी ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी इलाकों में जारी बर्फबारी का असर बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और झारखंड जैसे मैदानी राज्यों में भी तेजी से देखने को मिल रहा है&period; पश्चिमी विक्षोभ के चलते पूरे क्षेत्र में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे ठंड से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतें&comma; खासकर सुबह और रात के समय बाहर निकलने से बचें। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव और हिमालय क्षेत्र से आने वाली सर्द पछुआ हवाओं के कारण यह स्थिति बनी हुई है&period; 22 दिसंबर तक राज्य में इसी तरह ठंड&comma; घना कोहरा और शीत दिवस जैसी स्थिति बने रहने की संभावना है। पूर्वानुमान के अनुसार 20 से 22 दिसंबर के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में घना कोहरा छाया रहेगा&period; गया&comma; नालंदा&comma; अरवल और जहानाबाद जिलों में शीत दिवस जैसी स्थिति बनने की संभावना जताई गई है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वहीं उत्तर-पश्चिम बिहार के कुछ जिलों में भी घना कोहरा परेशानी बढ़ा सकता है। ठंड और कोहरे के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है&period; सुबह के समय लोग बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकले&period; दोपहर करीब दो बजे कुछ इलाकों में सूर्य की किरणें निकलने का प्रयास करती दिखीं&comma; लेकिन बर्फीली हवाओं और कोहरे की परत के कारण धूप जमीन तक नहीं पहुंच सकी। शाम ढलते ही ठंड का असर और तेज हो गया&period; बाजारों में जल्दी सन्नाटा पसरने लगा&comma; हालांकि ठंड के कपड़ों की दुकानों पर भीड़ देखी गई&period; लोग मफलर&comma; टोपी और स्वेटर खरीदते नजर आए। मौसम विज्ञान केंद्र ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है&period; खासकर बच्चों&comma; बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है&period; अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम बताई जा रही है।<&sol;p>&NewLine;

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