रैयाम और सकरी में फिर परिचालित होंगी बंद पड़ी चीनी मिलें : चीनी उद्योग का होगा कायाकल्प

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>बिहार में लंबे समय से बंद पड़े चीनी उद्योग में एक बार फिर से जान फूंकने की तैयारी तेज हो गई है। मंगलवार को मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में पटना में एक अहम बैठक हुई। इसका मुख्य उद्देश्य रैयाम और सकरी की बंद पड़ी सहकारी चीनी मिलों को फिर से शुरू करना है। बैठक में गन्ना उद्योग एवं सहकारिता विभाग के सचिव श्री धर्मेंद्र सिंह के अलावा राष्ट्रीय सहकारी चीनी कारखाना संघ के प्रबंध निदेशक श्री प्रकाश नायकवर्णे&comma; गन्ना विशेषज्ञ आर&period;बी&period; दावड़े और इंडियन पोटाश लिमिटेड के वाईस प्रेसिडेंट श्री नीरज शर्मा शामिल हुए। सरकार की इस पहल का मकसद चीनी मिलों को चालू करना&comma; गन्ना किसानों की आमदनी बढ़ाना और इलाके में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य सरकार बिहार में इन चीनी मिलों को एक सफल और जांचे-परखे मॉडल के आधार पर चालू करेगी। अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि राष्ट्रीय सहकारी चीनी कारखाना संघ ने मिलों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट &lpar;डीपीआर&rpar; पहले ही तैयार कर ली है। इसी क्रम में मुख्य सचिव ने इंडियन पोटाश लिमिटेड के प्रतिनिधि को निर्देश दिया कि वे ओडिशा और गुजरात में कामयाबी के साथ चल रही चीनी मिलों की तर्ज पर अपना प्रस्ताव जल्द राज्य सरकार को सौंपें। इसके साथ ही&comma; उन्होंने गन्ना उद्योग और सहकारिता विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि वे आपस में तालमेल बनाकर आईपीएल के इस प्रस्ताव को तुरंत मंजूरी दें&comma; ताकि सरकार चीनी मिलों को फिर से चलाने का काम बिना किसी देरी के शुरू कर सके। सरकार का मानना है कि इस तेजी से मिलों को फिर से शुरू करने का रास्ता साफ होगा&comma; जिससे राज्य के आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी। रैयाम और सकरी दोनों जगहों की नजदीकी का फायदा उठाते हुए इन्हें एक साथ चलाने की योजना है&comma; ताकि संसाधनों का पूरा इस्तेमाल हो सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मिलों को बिना किसी रुकावट के लगातार गन्ना मिलता रहे&comma; इसके लिए गन्ना विकास की एक बड़ी योजना भी बनाई गई है। आसपास के गांवों को गन्ने की सप्लाई के लिए चिन्हित कर लिया गया है। किसानों को खेती की नई मशीनें आसानी से मिल सकें&comma; इसके लिए पूरे राज्य में कृषि यंत्र सुविधा केंद्र बनाए जाएंगे। अच्छी पैदावार वाले बीजों को बांटने और किसानों को नई तकनीक से खेती करने के लिए जागरूक करने पर भी खास जोर दिया जा रहा है। सरकार की इस तेजी से यह साफ है कि आने वाले समय में रैयाम और सकरी के इलाके में तरक्की और रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे।<&sol;p>&NewLine;

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