दस सालों से नहीं भर रहा बिहार के हिस्से का हज यात्रा का कोटा

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">फुलवारीशरीफ&lpar;अजीत यादव&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> बिहार राज्य हज कमेटी को केन्द्रीय हज कमेटी दिल्ली से मिलने वाला हज का कोटा पिछले दस सालों से पूरा नहीं हो रहा है &period; हालांकि कोटा पूरा नहीं होने से बिहार राज्य हज कमेटी भी परेशान है और हर साल उसका प्रयास रहता है कि बिहार का कोटा पूरा हो सके&period; इसके लिए राज्य हज कमेटी यात्रा के तीन माह पूर्व से प्रचार प्रसार भी कराया जा रहा है &period;बिहार राज्य हज कमेटी से मिली जानकारी के अनुसार बिहार का कोटा पूरा नहीं होने पर बंगाल को दे दिया जाता है क्योंकि वहां से हज यात्रा पर जाने वाले अधिक हैं और कोटा कम मिलता है&period;<code> <&sol;code><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><code>पिछले दस सालों के केन्द्रीय हज कमेटी द्वारा दिये गये बिहार के कोटे पर नजर डाले तो लगता है कि बहुत मुश्किल से आधा भी भर पाता है&period;राज्य हज कमेटी से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2012 में बिहार के हिस्से 11320 लोगों को हज यात्रा करने का कोटा मिला मगर गये महज 6189 लोग&period;वर्ष 2013 मेें 11817 लोगो को कोटा मिला लेकिन 6180 लोग ही जा सके &period; वर्ष &comma;2014 में 9334 मिला लेकिन गये 6251&comma; वर्ष 2015 में 9334 मिला लेकिन गये 7476 &comma; वर्ष 2016 में 9589 कोटा मिला लेकिन गये 7025 &comma; वर्ष 2017 में 12125 का कोटा मिला लेकिन गये 6487&comma; वर्ष 2018 में 12630 का कोटा मिला लेकिन गये 5150&comma; वर्ष 2019 में 12630 का कोटा मिला लेकिन गये 4596 &period; <&sol;code><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><code>इसी तरह इस वर्ष 2023 में 14225 का कोटा मिला है जबकि महज 5638 लोगों ने आवेदन दिया है&period; इस प्रकार आकड़े बताते हैं कि पिछले दस सालों से केन्द्रीय हज कमेटी से बिहार को मिलने वाला हज का कोटा भरता ही नहीं और अंतिम समय में यहां के खाली कोटा को बंगाल के प्रतीक्षा सूची वालों को दे दिया जाता है&period;<&sol;code><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सबसे अधिक पटना और सबसे कम शेखपुरा से हज यात्रा पर जायेंगे लोग<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ul class&equals;"wp-block-list">&NewLine;<li>हज यात्रा की शुरूआत होने में कुछ सप्ताह शेष बच गया है&period; बिहार राज्य हज कमेटी यात्रा को सुगम बनाने में जुटा हुआ है&period; यात्रा पर जाने वालों को प्रशिक्षण भी दे दिया गया है&period; प्रशिक्षण में यात्रा के दौरान होने वाली परेशानी को दूर करने और वहां क्या क्या कैसे करना हैं इन सब बातों को विस्तारपूर्वक बताया गया है&period; जानकारी के मुताबिक इस बार बिहार से 5638 लोग हज यात्रा पर जाने के आवेदन के साथ शुल्क जमा कर चुके हैं&period; जिसमें 3239 पुरूष और 2399 महिलायें शामिल हैं&period;इसमें सबसे अधिक लोग पटना जिला से हैं जबकि सबसे कम शेखपुरा जिला से लोग हज करने के लिए जाने वाले हैं&period;<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li> <code>राज्य हज कमेटी से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार 2023 के हज यात्रा में पटना जिला से 672&comma;अररिया से 239&comma;अरवल से 10&comma;औरंगाबाद से 70&comma;बांका से 100&comma;बेगुसराय से 101&comma;भागलपुर से 333&comma;भोजपुर से 76&comma;बक्सर से 27&comma;दरभंगा से 317&comma;पूर्वी चंपारण से 269&comma;गया से 392&comma;गोपालगंज से 51&comma;जमुई से 33&comma;जहानाबाद से 35&comma;कैमुर से 79&comma;कटिहार से 455&comma;खगड़िया से 58&comma;किशनगंज से 282 लखिसराय से 11&comma;मधेपुरा से 20&comma;मधुबनी से 165&comma;मुंगेर से 50&comma;मुजफ्फरपुर से 212&comma;नालंदा से 116&comma;नवादा से 71&comma;पूर्णिया से 329&comma;रोहतास से 100&comma; सहरसा से 69&comma;समस्तीपुर से 118&comma;सारण से 69&comma;शेखपुरा से 4&comma;शिवहर से 42&comma;सीतामढ़ी से 165&comma;सिवान से 157&comma;सुपौल से 79&comma;वैशाली से 99 पूर्वी चंपारण से 163 लोगों के हज पर जाने की संभावना है&period; हज पर जाने वाले लोगो के द्वारा राज्य हज कमेटी में कराए गए पंजीकरण के अनुसार इतने लोगों ने आवदेन जमा कर यात्रा पर जाने के लिए शुल्क जमा किया है।<&sol;code><&sol;li>&NewLine;<&sol;ul>&NewLine;

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