थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए बिहार सरकार की बड़ी पहल

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़&comma; संवेदनशील एवं सर्वसुलभ बनाने की दिशा में निरंतर प्रभावी कार्य कर रही है। गंभीर एवं दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों को बेहतर उपचार एवं सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराने हेतु सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री बाल थैलेसीमिया योजना के अंतर्गत अब तक सात बैचों में कुल 43 बच्चों का सफलतापूर्वक बोन मैरो ट्रांसप्लांट &lpar;बीएमटी&rpar; कराया जा चुका है। वहीं&comma; थैलेसीमिया &lpar;मेजर&rpar; से पीड़ित 5 बच्चों का एक नया बैच जल्द ही बोन मैरो ट्रांसप्लांट हेतु तमिलनाडु के वेल्लोर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज &lpar;सीएमसी&rpar; भेजा जाएगा। यह योजना के अंतर्गत भेजा जाने वाला आठवां बैच होगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में दिनांक 6 अगस्त 2024 को मुख्यमंत्री बाल थैलेसीमिया योजना को मंत्रिमंडल की स्वीकृति प्राप्त हुई थी। इसके उपरांत 4 अक्टूबर 2024 को योजना के तहत 13 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों का पहला बैच उपचार हेतु वेल्लोर भेजा गया था।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार थैलेसीमिया&comma; हीमोफिलिया एवं सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के समुचित उपचार एवं सतत देखभाल के लिए बहुस्तरीय प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य से राज्य में 6 एकीकृत डे-केयर केंद्र स्थापित किए गए हैं&comma; जहाँ थैलेसीमिया मरीजों को जांच सुविधा&comma; ब्लड ट्रांसफ्यूजन&comma; आयरन चेलेटिंग दवाएं&comma; एंटी हेमोफिलिक फैक्टर &lpar;एएचएफ&rpar; ट्रांसफ्यूजन सहित आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि 12 वर्ष से कम आयु के योग्य बच्चों के लिए संचालित मुख्यमंत्री बाल थैलेसीमिया योजना के तहत बिहार सरकार द्वारा क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज&comma; वेल्लोर के साथ समझौता ज्ञापन &lpar;एमओयू&rpar; किया गया है। इस योजना के अंतर्गत ऐसे चयनित बच्चों&comma; जिनका भाई या बहन से एच&period;एल&period;ए&period; मैच करता है&comma; उनका सीएमसी वेल्लोर में निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट कराया जाता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने बताया कि थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के बोन मैरो ट्रांसप्लांट एवं संपूर्ण उपचार प्रक्रिया पर राज्य सरकार प्रति मरीज लगभग 15 लाख रुपये व्यय करती है। इस राशि में मरीज&comma; डोनर एवं माता-पिता की हवाई यात्रा&comma; अस्पताल में उपचार&comma; वेल्लोर में आवास&comma; भोजन सहित अन्य आवश्यक खर्च शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा आने वाले समय में ऐसी जनकल्याणकारी योजनाओं को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक स्वरूप प्रदान किया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;

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