सभी धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को कॉरिडोर से जोड़कर विकसित किया जाएगा : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित।<&sol;strong> पटना के फुलवारी शरीफ के नदियामा गांव में आयोजित सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के व्यापक विकास की घोषणा की&period; उन्होंने कहा कि बिहार आस्था&comma; अध्यात्म&comma; इतिहास और संस्कृति की भूमि है&comma; जिसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए सरकार विशेष योजना पर काम कर रही है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रमुख धार्मिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है&period; इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सड़क&comma; परिवहन&comma; आवास&comma; सुरक्षा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है&period; उन्होंने कहा कि बिहार के धार्मिक स्थलों में अपार संभावनाएं हैं&comma; लेकिन अब तक उन्हें वह पहचान नहीं मिल सकी जिसकी वे हकदार हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि कैमूर स्थित विश्व प्रसिद्ध मां मुंडेश्वरी मंदिर&comma; सोनपुर का हरिहरनाथ मंदिर&comma; गया का विष्णुपद मंदिर&comma; नालंदा के ऐतिहासिक अवशेष&comma; विक्रमशिला महाविहार और अन्य प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को विकसित कर पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाया जाएगा&period; इन स्थलों को बेहतर सड़क संपर्क&comma; आधुनिक आधारभूत संरचना और सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बिहार आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक ही यात्रा में कई धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करने की सुविधा मिले&period; इसके लिए विशेष धार्मिक पर्यटन सर्किट और कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे&period; इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर भी सृजित होंगे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक विरासत और विक्रमशिला विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा को पुनर्जीवित करने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है&period; विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है&comma; जिससे बिहार की प्राचीन शैक्षणिक और सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प में बिहार की महत्वपूर्ण भूमिका है&period; बिहार के धार्मिक&comma; सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का विकास होने से राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी&period; बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक बिहार आएंगे&comma; जिससे होटल&comma; परिवहन&comma; हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि बिहार सरकार पर्यटन को रोजगार और विकास का बड़ा माध्यम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है&period; आने वाले वर्षों में राज्य के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का स्वरूप पूरी तरह बदला हुआ दिखाई देगा और बिहार देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>समारोह में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है&period; इसके माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की करीब 17 प्रमुख योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाया जा रहा है&period; उन्होंने कहा कि पहले लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए कई कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे&comma; लेकिन अब सभी विभाग एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना&comma; प्रधानमंत्री आवास योजना&comma; मुख्यमंत्री आवास योजना&comma; सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना&comma; जीविका योजना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है&period; उन्होंने लोगों से आयुष्मान भारत कार्ड बनवाने की अपील करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने वृद्धजन&comma; दिव्यांग और विधवा पेंशनधारियों की पेंशन राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी है&period; जिन लाभुकों को केवाईसी अथवा अन्य तकनीकी कारणों से पेंशन नहीं मिल पा रही है&comma; उन्हें चिन्हित कर लाभ देने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है।<&sol;p>&NewLine;

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