रंगारंग कार्यक्रम के साथ अखिल भारतीय असैनिक सेवा संगीत, नृत्य एवं लघु नाट्य प्रतियोगिता 2024-25 का आगाज़

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> बिहार सचिवालय स्पोर्ट्स फाउंडेशन के तत्वावधान में केंद्रीय सिविल सेवा सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा बोर्ड&comma; भारत सरकार के मार्गदर्शन में &&num;8216&semi;अखिल भारतीय अर्धसैनिक सेवा संगीत&comma; नृत्य एवं लघु नाट्य प्रतियोगिता 2024-25&&num;8217&semi; का आज भव्य शुरुआत हुआ। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम का शुभारंभ अपराह्न 5&colon;30 बजे उर्जा ऑडिटोरियम&comma; राजवंशी नगर&comma; पटना में हुआ&comma; जब मुख्य अतिथि बिहार के मुख्य-सचिव श्री अमृतलाल मीणा&comma; विशिष्ट अतिथि के रूप में बिहार के विकास आयुक्त श्री प्रत्यय अमृत&comma; आयोजन समिति के अध्यक्ष-सह-सचिव&comma; कला&comma; संस्कृति एवं युवा विभाग श्री प्रणव कुमार&comma; आयोजन समिति के सचिव वित्त विभाग के विशेष सचिव श्री राहुल कुमार जी और अन्य गणमान्य&nbsp&semi; का पुष्पगुच्छ से स्वागत कर के किया गया।&nbsp&semi;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इसके बाद विभिन्न राज्यों से प्रतिभागियों द्वारा मार्च पास्ट करके झाँकी निकाला गया। बारी-बारी से मंच से गुज़रते हुए उन्होंने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।&nbsp&semi; सबसे पहले भुवनेश्वर की टीम मंच से झांकी निकालते हुए अपनी उपस्थिति दर्ज की। दूसरी टीम छत्तीसगढ़ की थी जो मंच से गुजरी। तीसरी टीम सेंट्रल सेक्रेटेरियट की थी और उसके बाद दिल्ली एनसीआर की टीम थी। इसी तरह से क्रमशः हर राज्य से आये&nbsp&semi; टीमों ने बारी बारी से मंच से गुजरते हुए उपस्थित गणमान्य अतिथियों और दर्शकों का अभिवादन किया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>6&colon;30 बजे सभागार के&nbsp&semi;अंदर मंच पर पर दीप प्रज्वलन के साथ सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ हुआ। पुस्तक विमोचन के पश्चात अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किए।&nbsp&semi; विशिष्ट अतिथि के रूप में बिहार के विकास आयुक्त श्री प्रत्यय अमृत ने उपस्थित प्रतिभागियों और दर्शकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि इतनी संख्या में आप लोग विभिन्न राज्यों से यहाँ आए हैं यह गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि बिहार ही अकेला राज्य है जहाँ उगते सूरज के साथ ही डूबते हुए सूरज को भी अर्घ्य दिया जाता है। आप लोग जब अपने घर -राज्य जाएंगे तो आपके साथ बिहार की अच्छी यादें होनी चाहिए। एक तरह से आप लोग बिहार के ब्रांड एंबेसिडर के तौर पर यहाँ से जाएंगे और यहां की अच्छी छवि देश के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचाएंगे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आयोजन समिति के अध्यक्ष सह सचिव&comma; कला&comma; संस्कृति एवं युवा विभाग श्री प्रणव कुमार उपस्थित सभा में उपस्थित संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग का बिहार की धरती पर स्वागत है। आपलोग समय निकालकर कला-संस्कृति के क्षेत्र में अपनी महती भूमिका अदा कर रहे हैं यह गर्व विषय है। आप लोगों का जोश देखते ही बनता है। इसी से पता चलता है कि आप लोग कितनी तैयारी के साथ इस प्रतियोगिता में भागीदारी करने के लिए आए हैं। बिहार सरकार की तरफ से आपका स्वागत करते हुए गर्व की अनुभूति हो रही है। आप लोग पूरे मनसे इस प्रतियोगिता में हिस्सा लीजिये।आप लोग को बहुत बहुत स्वागत और आभार है&nbsp&semi;इसके बाद&nbsp&semi;मुंबई&comma; महाराष्ट्र&comma; कर्नाटक और गुजरात की टीमों ने भी अपने-अपने राज्य के पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।<&sol;p>&NewLine;

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