अधिवक्ताओं ने किया एक दिवसीय ध्यानाकर्षण उपवास

<p>&lbrack;Edited By&colon; Robin Raj&rsqb;<&sol;p>&NewLine;<p><strong>पटनासिटी&lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;strong> मॉर्निंग कोर्ट की प्रथा को समाप्त करने के लिए अधिवक्ताओं ने किया एक दिवसीय ध्यानाकर्षण उपवास पटना राज्य के सभी निचली अदालतों को मॉर्निंग कोर्ट की जगह डे कोर्ट करने की मांग को लेकर कानूनी सहायता केंद्र की ओर से पटना सिटी व्यवहार न्यायालय परिसर के बाहर एक दिवसीय ध्यानाकर्षण उपवास किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्र के अध्यक्ष विक्रमादित्य गुप्त ने&comma; जबकि मंच संचालन बृजेश गोस्वामी एवं रमाकांत वर्मा ने संयुक्त रूप से किया। धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता उदय शंकर लाल ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विक्रमादित्य गुप्त ने माननीय पटना उच्च न्यायालय एवं राज्य सरकार से अंग्रेजों के समय से चली आ रही मॉर्निंग कोर्ट की प्रथा को समाप्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मॉर्निंग कोर्ट हो जाने से अधिवक्ता के साथ-साथ मोवक्किलो को भी परेशानी होती है। साथ ही छुट्टी के बाद धूप में लू लगने का भी डर रहता है&period;<&sol;p>&NewLine;<p>कार्यक्रम को अधिवक्ता देवानंद तिवारी&comma; इरफान आलम&comma; अजय शंकर लाल जमुआर&comma; संजीव आनंद&comma; सुरेंद्र विश्वकर्मा&comma; आत्म प्रकाश&comma; अजय साह&comma; राजकुमार प्रसाद सहित अन्य ने संबोधित किया। बाद में एक शिष्टमंडल ने एडीजे तृतीय&comma; एसीजेएम एवं एसडीओ को ज्ञापन सौंपकर इसे पटना उच्च न्यायालय में भेजने की अपील की।<&sol;p>&NewLine;

Related posts

27 लीटर देसी शराब के साथ पिता-पुत्र गिरफ्तार, पहले भी जा चुके हैं जेल

सोन नदी जल बंटवारे समझौते पर जन सुराज ने उठाए सवाल, किसानों के हित में जवाब मांगा

मेजर ध्यानचंद की जयंती पर इस्लामिया टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में रस्साकशी प्रतियोगिता, द्वितीय वर्ष की टीमों ने मारी बाजी