दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने के लिए कार्य योजना किया गया तैयार

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong><mark style&equals;"color&colon;&num;cf2e2e" class&equals;"has-inline-color has-vivid-red-color">कटिहार&lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;&colon;<&sol;mark><&sol;strong> सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अतिमहत्त्वाकांक्षी यूडीआईडी परियोजना के तहत दिव्यांगजनों का कार्ड बनाने में शत प्रतिशत लक्ष्य को पूरा करना है। देश के कुल 75 चयनित जिलों में बिहार के 05 जिलों में कटिहार को भी शामिल किया गया है। जिलाधिकारी उदयन मिश्रा ने बताया कि सभी प्रखण्डों के वरीय पदाधिकारी यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए विभिन्न तरह के आयोजन कर अधिक से अधिक कार्डधारी दिव्यांगजनों को आधार से लिंक करने के लिए अपने-अपने प्रखंडों में भ्रमण कर ऑनलाइन कराना सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए जिला शिक्षा परियोजना&comma; बीडीओ&comma; सीडीपीओ&comma; बीईओ&comma; जीविका प्रबंधक&comma; पंचायत सचिव&comma; विकास मित्र&comma; वार्ड आयुक्त&comma; आशा एवं सेविका सहित कई अन्य कार्यकर्ताओं के साथ बैठक का आयोजन करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>प्रमाणीकृत दिव्यांगजनों का यूडीआईडी कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित&colon; डीडीसी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिला उप विकास आयुक्त अरुण ठाकुर ने बताया कि यूडीआईडी परियोजना के तहत अनिवार्य रूप से शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन मीटिंग का आयोजन किया गया था। इसके लिए जिले के सभी दिव्यांगजनों का ऑनलाइन दिव्यांगता प्रमाणीकरण सुनिश्चित करने के लिए यूडीआईडी कार्ड निर्गत किया जाना है। कई तरह के अभियानों एवं कार्यक्रमों का आयोजन होने के बावजूद किसी कारणवश अभी तक जिले में शत प्रतिशत यूडीआईडी कार्ड नहीं बनाया जा सका है। विभाग द्वारा जारी ऑफलाइन दिव्यांगता प्रमाण पत्र राज्य में मान्य नहीं है। इसको ऑनलाइन सत्यापित करना अनिवार्य है। ऑफलाइन दिव्यांगता प्रमाण पत्र को ऑनलाइन नहीं होने के कारण यूडीआईडी कार्ड के अभाव में दिव्यांगजन सरकार की&nbsp&semi;कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने से वंचित रह&nbsp&semi; जाते हैं। जिले के सभी प्रमाणीकृत दिव्यांगजनों का शत प्रतिशत यूडीआईडी कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>यूडीआईडी कार्ड को आधार से जोड़ने की प्रक्रिया में आई तेजी&colon; सिविल सर्जन<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ डीएन झा ने बताया कि यूडीआईडी कार्ड बनाने के लिए प्रतिदिन कार्य किया जा रहा है। अभी तक जिनलोगों का यूडीआईडी कार्ड बन गया है लेकिन आधार से जोड़ा नहीं&nbsp&semi;गया है। उसको जोड़ने का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है। जिनका कार्ड नहीं &nbsp&semi;बना है&comma; उनलोगों को निम्नलिखित दस्तावेज को अपने साथ लाना पड़ेगा। जिसमें मुख्य रूप से दिव्यांगता प्रमाण पत्र&comma; आधारकार्ड या आवासीय प्रमाण पत्र&comma; पहचान पत्र&comma; फोटो के साथ उनकी विवरणी&comma; आवासीय एवं पहचान पत्र से संबंधित भारत सरकार या बिहार सरकार द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र जैसे&colon; मतदाता पहचान पत्र&comma; विद्यालय पहचान पत्र&comma; राशन कार्ड&comma; ड्राइविंग&nbsp&semi;लाईसेंस&comma; आधार&comma; पैन कार्ड&comma; पासपोर्ट&comma; बैंक पासबुक इत्यादि सक्षम पदाधिकारी द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र मान्य होगा। यूडीआईडी कार्ड बनाने की प्रक्रिया बहुत पहले से शुरू की गई हैं। लेकिन उसका ऑनलाइन डेटा तैयार नहीं&nbsp&semi;हो सका&nbsp&semi;है।<&sol;p>&NewLine;

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