पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण के लिए बनेगा ‘स्पेशल विंग’: सचिव प्रणव कुमार

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; विक्रम कुमार &colon; <&sol;strong>भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को कला एवं संस्कृति विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में पुरातत्व धरोहरों के संरक्षण और निर्माणाधीन भवनों की प्रगति पर चर्चा हुई। सचिव ने पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण के लिए &OpenCurlyQuote;स्पेशल विंग’ गठित करने का निर्देश दिया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>इन परियोजनाओं की हुई समीक्षा<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बैठक में 620 क्षमता के अटल कला भवन&comma; 630 क्षमता के सभागार&comma; लाल पहाड़ी&comma; नेपाली मंदिर&comma; नारद संग्रहालय की जगह नया संग्रहालय भवन&comma; स्मारक अहिल्या स्थल&comma; बेगूसराय संग्रहालय और पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण-सौंदर्यीकरण पर चर्चा हुई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>6 जिलों में अटल कला भवन तेज गति से बन रहे<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सचिव को बताया गया कि अररिया&comma; भभुआ&comma; बक्सर&comma; नवादा&comma; सीवान और शेखपुरा समेत अन्य जिलों में अटल कला भवन का निर्माण तेजी से हो रहा है। सभी भवन समय-सीमा में पूरे कर लिए जाएंगे। बांका और लखीसराय में 630 क्षमता के सभागार का निर्माण जारी है। लखीसराय में फिनिशिंग का काम चल रहा है। मुजफ्फरपुर में 2000 क्षमता वाले सभागार को नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>56 पुरातात्विक स्थलों का होगा विकास<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>दरभंगा में स्मारक अहिल्या स्थान का संरक्षण&comma; बेगूसराय संग्रहालय का संरक्षण कार्य और लखीसराय की लाल पहाड़ी पुरास्थल पर पर्यटकीय सुविधाओं के विकास की समीक्षा हुई। साथ ही 26 जिलों में 56 पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण और विकास पर चर्चा हुई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>स्पेशल विंग में होंगे विशेषज्ञ&comma; इंजीनियरों को ट्रेनिंग<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सचिव प्रणव कुमार ने कहा कि पुरातात्विक स्थलों को उनके मूल स्वरूप में संरक्षित करने के लिए &OpenCurlyQuote;स्पेशल विंग’ बनेगा। इसमें विशेषज्ञों की सलाह ली जाएगी ताकि ऐतिहासिक इमारतों की मौलिकता बनी रहे। अभियंताओं को धरोहर संरक्षण की बारीकियों का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय के मेंटेनेंस पर जोर<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बैठक में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय और स्मृति स्तूप के मेंटेनेंस को लेकर भी निर्देश दिए गए। सचिव ने सभी अधिकारियों को गुणवत्ता से समझौता किए बिना परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि लंबित परियोजनाओं के संवेदकों पर कार्रवाई होगी।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बैठक में भवन निर्माण और कला-संस्कृति विभाग के वरीय अधिकारी&comma; अभियंता मौजूद थे। कार्यपालक अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।<&sol;p>&NewLine;

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