सिविल सर्जन की अध्यक्षता में जिले में मातृ एवं प्रसवकालीन शिशु मृत्यु निगरानी प्रतिक्रिया पर समीक्षा बैठक का हुआ आयोजन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar; <&sol;strong>जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया की अध्यक्षता में सभी प्रखंड के उपाधीक्षक&comma; प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी&comma; प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक के साथ मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित रखने के लिए निर्धारित रिपोर्टों को चिन्हित करते हुए स्वास्थ्य विभाग को सूचित करने संबंधित बैठक का आयोजन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल &lpar;जीएमसीएच&rpar; के आरटीपीसीआर भवन में आयोजित किया गया। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इस दौरान सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया द्वारा सभी प्रखंड स्वास्थ्य अधिकारियों को क्षेत्र में मातृ&comma; प्रसवकालीन महिला एवं शिशु मृत्यु की निगरानी करते हुए संबंधित जानकारी स्वास्थ्य विभाग को सूचित करने की जानकारी दी गई। आयोजित बैठक में सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया के साथ एसीएमसो इंचार्ज डॉ आर पी मंडल&comma; डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास&comma; डीसीएम संजय कुमार दिनकर&comma; डीपीसी डॉ सुधांशु शेखर&comma; पिरामल स्वास्थ्य जिला समन्वयक चंदन कुमार सहित सभी प्रखंड के उपाधीक्षक&comma; प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी&comma; प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक उपस्थित रहे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>स्वास्थ्य केंद्रों में मातृ एवं शिशु मृत्यु के वर्बल ऑटोप्सी रिपोर्ट समय पर रिपोर्ट करने का दिया गया निर्देश &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>आयोजित बैठक में सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया ने कहा कि माह अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूर्णिया जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में एचएमआईएस पोर्टल पर जारी किए गए सभी मातृ मृत्यु एवं सभी प्रखंड के एक-एक शिशु मृत्यु से संबंधित वर्बल ऑटोप्सी रिपोर्ट की समीक्षा की गई। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्रों में हुए मातृ एवं शिशु मृत्यु जिसका वर्बल ऑटोप्सी हो गया हो उन सभी को छोड़कर शेष बचे मातृ-शिशु मृत्यु संबंधित रिपोर्ट वर्बल ऑटोप्सी के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग को सूचित करने की जानकारी दी गई है। इससे स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर के जानकारी एचएमआईएस पोर्टल एवं एमपीसीडीएसआर पोर्टल पर प्रदर्शित आंकड़ों में भिन्नता को नियंत्रित करते हुए मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित किया जा सके और संबंधित रिपोर्ट को नियंत्रित किया जा सके। इससे जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित रखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा महिलाओं और नवजात शिशु को स्वस्थ्य और सुरक्षित चिकित्सकीय सहायता का लाभ आसानी से उपलब्ध हो सके और लोग स्वास्थ्य जीवन का लाभ उठा सकें।<&sol;p>&NewLine;

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