राज्य की 96 फीसदी लक्षित आबादी ने एमडीए अभियान के दौरान खायी फाइलेरियारोधी दवाएं

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> 10 फरवरी&comma; 2026 से संचालित किए गए एमडीए अभियान &lpar; सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम &rpar; राज्य के 34 चयनित जिलों में चलाया गया&period; अभियान के दौरान राज्य के 7&comma;53&comma;68&comma;571 योग्य व्यक्तियों को फाइलेरियारोधी दवाएं खिलाने का लक्ष्य रखा गया था&period; अभियान के दौरान लक्ष्य के सापेक्ष में राज्य के 7&comma;26&comma;98&comma;339 योग्य व्यक्तियों को फाइलेरियारोधी दवाएं खिलाई गयी जो लक्ष्य का 96&percnt; है&period; अभियान के दौरान 17&comma;139 लोगों में दवा सेवन के बाद दुष्प्रभाव देखा गया जिसका प्रभावी तरीके से संबंधित क्षेत्र के ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर&comma; चिकित्सा विभाग के पदाधिकारियों एवं रैपिड रिस्पांस टीम द्वारा प्रबंधन किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>6 जिलों ने शत-प्रतिशत लक्षित आबादी को खिलाई दवा&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एमडीए अभियान के दौरान गोपालगंज&comma; कटिहार&comma; शेखपुरा&comma; शिवहर&comma; सुपौल एवं वैशाली जिलों में शत-प्रतिशत लक्षित आबादी ने फाइलेरियारोधी दवाओं का सेवन किया&period; इसके साथ ही कई जिलों ने दवा खिलाने में 99&percnt; उपलब्धि हासिल की है&period; पटना जिला में लक्ष्य के सापेक्ष में 95 फीसदी लोगों ने फाइलेरियारोधी दवाओं का सेवन किया&period; राज्य के 15 जिलों में ट्रिपल ड्रग थेरेपी &lpar; एल्बेंडाजोल&comma; डीईसी एवं आईवरमेक्टिन &rpar; एमडीए&sol;आईडीए और 19 जिलों में डबल ड्रग थेरेपी &lpar; एल्बेंडाजोल एवं डीईसी &rpar; की गोलियां खिलाई गयीं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>बेहतर कार्ययोजना एवं स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका अहम&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>राज्य सलाहकार&comma; फाइलेरिया&comma; डॉ&period; अनुज सिंह रावत ने कहा कि अभियान की सफलता के लिए आईएचआईपी- इंटीग्रेटेड हेल्थ इनफार्मेशन प्लेटफार्म के माध्यम से दैनिक कवरेज रिपोर्टिंग की गई ताकि वास्तविक समय में प्रगति का पता चल सके&period; माइक्रोप्लानिंग के तहत 14 दिनों तक घर-घर जाकर दवा खिलाने एवं अंतिम 3 दिनों में बूथ के माध्यम से दवा सेवन का सघन अभियान चलाया गया&period; कठिन भौगोलिक क्षेत्रों और विशेष समूहों जैसे ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों&comma; जेल के कैदियों&comma; सीआरपीएफ कैंपों और घुमंतू समुदायों के लिए विशेष मोबाइल टीमों का गठन किया गया ताकि कोई भी दवा के सेवन से वंचित न रहे&period; उन्होंने बताया कि इसके अलावा&comma; जीविका दीदियों&comma; स्थानीय प्रभावशाली लोगों और मशहूर हस्तियों के सहयोग से जन-जागरूकता फैलाकर दवाओं के प्रति लोगों के डर को दूर किया गया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>निगरानी और प्रबंधन पर विशेष ध्यान&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>एमडीए अभियान के दौरान निगरानी और प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया। इस अवधि में 90&percnt; से अधिक सुपरवाइजरी विजिट सुनिश्चित की गई और आंकड़ों की सत्यता की जांच के लिए 10&percnt; से अधिक घरों की रैंडम रेंक-चेकिंग की गई&period; मरीजों की सेवा के लिए 100&percnt; एमएमडीपी किट का वितरण भी सुनिश्चित किया गया&period; इस पूरे अभियान को &&num;8216&semi;पाँच-पिलर&&num;8217&semi; रणनीति पर आधारित रखा गया&comma; जिसमें उच्च स्तरीय राजनीतिक प्रतिबद्धता&comma; साक्ष्य आधारित योजना&comma; स्वास्थ्य कर्मियों का क्षमता निर्माण&comma; सशक्त निगरानी&comma; सामुदायिक भागीदारी और व्यापक सूचना-प्रसार शामिल थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>रिफ्युज्ल कन्वर्शन में रोगी हितधारक मंच की रही भूमिका सराहनीय&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ&period; रावत ने बताया कि सिफार के तकनीकी सह्रोग से गठित सीएचओ-पीएसपी &lpar; रोगी हितधारक मंच &rpar; आयुष्मान आरोग्य मंदिर को माध्यम बनाकर पंचायत स्तर पर फ़ाइलेरिया उन्मूलन अभियान को जन-जागरूकता की क्रांति का रूप दे रहा है&period; सीएचओ के नेतृत्व में बने रोगी हितधारक मंच के सदस्य जिनमे फ़ाइलेरिया रोगी भी शामिल हैं&comma; अपनी बीमारी के अनुभव लोगों से साझा कर उन्हें दवा खाने के लिए प्रेरित करना एवं रिफ्युजल को दूर कर लोगों को दवा खाने के लिए तैयार करने में रोगी हितधारक मंच के सदस्यों की सराहनीय भूमिका रही है&period; उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान 59&comma;698 दवा सेवन से इंकार करने वाले लोगों को गृह भ्रमण कर और समझाकर दवा खिलाई गयी।<&sol;p>&NewLine;

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