10 औद्योगिक इकाइयों को 6.09 एकड़ भूमि आवंटित, ₹94.16 करोड़ निवेश से लगभग 2000 रोजगार के अवसर का सृजन

&NewLine;<p><br><strong>पटना&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> उद्योग विभाग&comma; बिहार सरकार के अंतर्गत बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार &lpar;BIADA&rpar; की प्रोजेक्ट क्लियरेंस कमिटी &lpar;PCC&rpar; की बैठक सफलतापूर्वक आयोजित की गई।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बैठक में राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में आवेदकों को भूमि एवं तैयार औद्योगिक शेड्स आवंटित करने के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। समिति द्वारा 10 औद्योगिक इकाइयों को लगभग 6&period;09 एकड़ भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगा तथा निवेश और रोजगार सृजन के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित करेगा। स्वीकृत परियोजनाओं में मखाना प्रोसेसिंग&comma; बेकरी उत्पाद&comma; रेडीमेड गारमेंट्स&comma; सिरिंज नीडल्स एवं मेडिकल उपकरण जैसे विविध क्षेत्र शामिल हैं। ये इकाइयाँ राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों आईजीसी मरंगा&semi; हाजीपुर&semi; मुजफ्फरपुर&semi; बेगूसराय&semi; लोहट फेज-1&semi; डुमरिया&semi; नवादा&semi; सहरसा&semi; पूर्णिया एवं बरारी में स्थापित की जाएंगी। इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में लगभग ₹94&period;16 करोड़ के निवेश का अनुमान है&comma; जिससे लगभग 2000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>प्रमुख स्वीकृत इकाइयों में M&sol;S SAPL Industries Private Limited&comma; Rudra Priyam Foods and Beverages&comma; AROSON Foods Private Limited&comma; Orel Pharma Private Limited तथा M&sol;S T&period;S&period;S&period; Digital सहित अन्य इकाइयाँ शामिल हैं। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक विकास को भी सुदृढ़ किया जाएगा। उद्योग विभाग के सचिव सह BIADA एवं IDA के प्रबंध निदेशक श्री कुंदन कुमार ने कहा कि राज्य में संतुलित एवं समग्र औद्योगिक विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। BIADA के माध्यम से पारदर्शी एवं समयबद्ध प्रक्रिया के तहत निवेशकों को औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही&comma; सुदृढ़ अवसंरचना&comma; सुगम प्रक्रियाएँ&comma; बेहतर कनेक्टिविटी एवं नीतिगत सहयोग के माध्यम से निवेशकों को अनुकूल वातावरण प्रदान किया जा रहा है&comma; ताकि परियोजनाओं का त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। यह पहल बिहार को निवेश के लिए एक उभरते औद्योगिक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।<&sol;p>&NewLine;

Advertisements

Related posts

गंगा नदी के किनारे असर्वेक्षित भूमि पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जा सकता : ज़िलाधिकारी

विधायक रणधीर कुमार सोनी ने की स्व-गणना, सभी 33 प्रश्नों के जवाब देकर आमजनों से सहयोग की अपील

शेखपुरा डीएम-एसपी ने की साप्ताहिक समीक्षा बैठक, ‘सबका सम्मान लापरवाही पर होगी कार्रवाई