बंगाल उड़ीसा में 140 किलोमीटर तेज चली हवाओ ने मचाई तबाही, अगले तीन दिनों तक होगी बारिश

&NewLine;<p><strong>भुवनेश्वर&sol;कोलकाता&sol;पटना&lpar;अजीत यादव&rpar;&colon;<&sol;strong> चक्रवाती तूफान &&num;8216&semi; यास &&num;8216&semi; बुधवार को 130 से 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ओड़िशा और बंगाल के तटों से टकराया &period; तेज हवाओं के साथ भारी बारिश ने दोनों राज्यों के तटवर्ती जिलों में काफी तबाही मचायी &period; समुद्र का पानी घुसने और तटबंधों के टूटने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गये हैं &period; बड़ी संख्या में गांव और कस्बे जलमग्न हो गये हैं &period; तूफान के कारण हुए हादसों में ओडिशा में तीन और पश्चिम बंगाल में एक व्यक्ति की मौत की खबर है &period; 20 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा है &period; हालांकि &comma; दोपहर डेढ़ बजे तूफान के जमीनी क्षेत्र में पूरी तरह से प्रवेश करने के बाद वह कमजोर पड़ गया &period;बंगाल में कुल मिलाकर यह तूफान से लगभग 1 करोड़ से ज्यादा लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बुरी तरहसे प्रभावित हुए हैं ।बंगाल में विशेषकर पूर्व मेदिनीपुर जिले केदीघा &comma; शंकरपुर &comma; मंदारमनी दक्षिण 24 परगनाजिले केबादबकखाली &comma; संदेशखाली &comma; सागर &comma; फेजरगंज &comma; सुंदरबन आदि जगहों से लेकर पूरे बंगाल में 3 लाख लोगों के घरइस तूफान से उजड़गए हैं । 134 बांधटूट गए हैं &comma; जिन्हें ठीक करवाया जा रहा है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>ममता 28 और 29 मई को हेलिकॉप्टर द्वारा तूफान प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगी ।बेहदखतरनाक तूफान यासके कारण झारखंडके पश्चिम सिंहभूम जिले में सुबह से बारिश हो रही है । कई जिलों में चेतावनी जारी की गई है।वहीं &comma; पटना सहित बिहार के 26 जिलों में भारी बारिशका अलर्ट है।ओडिशाकेचांदीपुर और बालासोर &comma; तो बंगाल केदक्षिण 24 परगना जिले में तूफान सबसे ज्यादा प्रभावी है । बंगाल के दीघा और मंदार्मानी में होटलों और दुकानों में समुद्र का पानी भर गया है ।बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर के मंदारमनी में कन्हाई गिरि नामक युवककी तेज धार में बहने से मौत हो गई । एक अन्य व्यक्ति को दीघा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है ।पूर्वी मेदिनीपुर में तैनात आर्मी की टीमने पानी का लेवल बढ़ने पर फंसे 32 लोगों को रेस्क्यू कर बचाया पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया में सेना &comma; एनडीआरएफ और तटरक्षकदल के लोग बचाव अभियान में जुटे ।यास तूफान से प्रभावित हुए लोगों के लिए नौसेना का जहाज आईएनएस चिल्का में राहत सामग्री लेकर ओडिशा के खोरदा जिले पहुंचा तूफानसे ओडिशा के चांदीपुर और अब्दुल कलाम आइलैंडपरडीआरडीओ की मिसाइल लॉन्चिंग साइट को नुकसान पहुंचने की आशंका है।लंबी दूरी की मिसाइल्स को यहीं से लॉन्च किया जाता है ।बंगाल केनदिया &comma; पश्चिमी मेदिनीपुर &comma; पुरुलिया &comma; पश्चिमी बर्धमान &comma; झारग्राम &comma; पुरुलिया &comma; बांकुरा &comma; बीरभूम &comma; हावड़ा &comma; कोलकातापोर्ट &comma; दक्षिण 24 परगना &comma; पूर्वी कोलकाता &comma; सेंट्रल मेदिनीपुर &comma; पूर्वी मेदिनीपुर &comma; दक्षिणी कोलकाता &comma; हुगली &comma; बेहला &lpar; कोलकाता &rpar; में सेना की एक &&num;8211&semi; एकटीम तैनात है।वही &comma; ओडिशाकेबालासोर में तीन टीमें और एक इंजीनियरिंगटास्कफोर्स की तैनाती की गई है।अलर्ट के बाद कोलकाता एयरपोर्ट पर बुधवार सुबह 8 &colon; 30 बजे से शाम 7&colon;45 बजे तक ऑपरेशन बंद रखा गया । साथ ही भारतीय रेलवे ने दक्षिणसे कोलकाता के लिए 38 रूट पर चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों को 29 मई तक के लिए रद्द कर दिया है।ईस्टर्न रेलवे ने भी मालदा &&num;8211&semi; बालुरघाट पैसेंजर ट्रेन 26 और 27 मई के लिए रद्द कर दी हैं।तूफान की तेजी को देखते हुए रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों को पटरियों के साथ लोहे की जंजीरों से बांधा गया &comma; ताकिकोई दुर्घटना नहो सके पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि 11&period;2 लाख लोगों को सुरक्षित जगहपहुंचाया गया।तूफान के असर से हालिशहर में 40 हजारसेज्यादाघरों को नुकसान हुआ है । इस दौरान4-5 लोग घायल भी हुए।छुछुरा में भी करीब इतने ही घरक्षतिग्रस्त हुए &comma; जबकिपंदुआमें बिजली गिरने से 2 लोगों की मौत हुई ।राज्यकेगवर्नर जगदीप धनखड़कोलकाता के अलीपुरस्थित मौसम विभाग के ऑफिस पहुंचे । यहां उन्होंने चक्रवात से निपटने के लिए मौजूद संसाधनों का जायजा लिया ।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>चक्रवाती तूफान &&num;8216&semi;यास&&num;8217&semi; के प्रभाव से ओडिशा-बंगाल में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है&period; ओडिशा के रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया तो वहीं बंगाल में हल्दिया पोर्ट में भी पानी का कहर दिखाई दे रहा है&period;<br>ओडिशा में साइक्लोन यास का लैंडफॉल जारी <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>राहत-बचाव के लिए तटीय इलाकों में सेना-नौसेना तैनात<&sol;strong><br>बांगाल-ओडिशा की ट्रेनें रद्द&comma; कोलकाता एयरपोर्ट बंद<br>ओडिशा में साइक्लोन यास का लैंडफॉल हुआ है&period; जानकारी के मुताबिक &&num;8216&semi;यास&&num;8217&semi; ने बालासोर के दक्षिण में उत्तर ओडिशा तट को पार कर लिया है&period; इस दौरान अनुमानित हवा की गति 130-140 किमी प्रति घंटे से 155 किमी प्रति घंटा रही&period; इसी के साथ ओडिशा में लैंडफॉल की प्रक्रिया पूरी हो गई है&period; हालांकि अभी ओडिशा&comma; बंगाल और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में यास तूफान के असर को लेकर अलर्ट जारी है&period;<br>भीषण चक्रवाती तूफान यास के प्रभाव से ओडिशा-बंगाल में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है&period; ओडिशा के रिहायशी इलाकों में पानी घुस गया तो वहीं बंगाल में हल्दिया पोर्ट में भी पानी का कहर दिखाई दे रहा है&period; वहीं&comma; चक्रवाती तूफान यास से ओडिशा के भद्रक और बालासोर में कई घरों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><em><strong>रिहायशी इलाकों में घुसा समंदर का पानी<&sol;strong><&sol;em><br &sol;>तूफान के मद्देनजर कई राज्यों में अलर्ट जारी कर दिया गया है&period; ओडिशा के समंदर में ऊंची लहरें उठ रही हैंं&period; धामरा और भद्रक जिलों में भारी बारिश और समंदर के ऊफान से रिहायशी इलाकों के घरों में पानी घुस गया है&period; मौसम विभाग के अनुसार यास नाम का ये तूफान गंभीर चक्रवाती तूफान जब तट से टकराएगा तो उस दौरान 130-140 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाएं 155 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं&period; मौसम विभाग के अनुसार सुबह करीब 9 बजे लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू हुई&period;<br &sol;>फ्लाइट्स स्थगित&comma; <em>ओडिशा-बंगाल की ट्रेनें रद्द<&sol;em> ओडिशा और बंगाल के तटीय इलाकों में बारिश जारी है&period; कुछ ही घंटों में तूफान ओडिशा के तट से टकराएगा&period; यास चक्रवात तूफान की वजह से खराब हुए मौसम के कारण कोलकाता एयरपोर्ट से आज &lpar;बुधवार&rpar; सुबह 8&colon;30 बजे से उड़ने वाली फ्लाइट्स को शाम 7&colon;45 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया है&period; वहीं&comma; भुवनेश्वर एयरपोर्ट कल &lpar;मंगलवार&rpar; रात से बंद है&period; इसके अलावा भारतीय रेलवे ने ओडिशा-बंगाल की सभी ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है&period; तूफान के अलर्ट के कारण ओडिशा-बंगाल के अलावा बिहार एवं झारखंड की भी कई ट्रेनें रद्द की गई हैं&period;<br &sol;><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>ओडिशा के इन इलाकों में तबाही की आशंका<&sol;strong> पूर्वानुमान के मुताबिक ओडिशा के भद्रक और बालासोर में सबसे ज्यादा तबाही की आशंका है&period; आईएमडी की ओर से जानकारी दी गई कि चक्रवाती तूफान आज उत्तर ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल में पारादीप और सागर द्वीप के तटों के बीच धामरा के नजदीक से भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में गुजरेगा&period;<br &sol;><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><em><strong>तटीय इलाकों में तेज हवाएं और बारिश<&sol;strong><&sol;em><br &sol;>बंगाल के मुकाबले ओडिशा में अधिक असर ऐसी संभावना है कि पश्चिम बंगाल पर चक्रवाक यात का अधिक असर नहीं होगा&period; लेकिन भारी बारिश और तेज हवाएं चलेंगी&period; हालांकि&comma; ओडिशा पर इसका अच्छा खासा असर दिखाई देगा&period; ओडिशा के बालासोर&comma; भद्रक&comma; केंद्रपाड़ा और मयूरभंज इस तूफान की चपेट में सबसे ज्यादा आएंगे&period; भद्रक जिले में आने वाले धामरा और चांदबाली के बीच यास तूफान के टकराने की आशंका है&period; ओडिशा के ये इलाके ज्यादा प्रभावित&comma;एनडीआरएफ अलर्ट ओडिशा के केंद्रपाड़ा&comma; भद्रक&comma; जगतसिंहपुर&comma; बालासोर&comma; मयूरभंज सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे&period; बालासोर में तूफान से पहले मौसम खराब है&period; यास तूफान के खतरे को देखते हुए समंदर किनारे रहने वालों को सुरक्षित जगह पर भेजा गया है&period; एनडीआरएफ की टीमें स्थानीय लोगों को तूफान के खतरे से आगाह कर रही है&period; बालासोर के पास के चांदीपुर में समंदर के किनारे से लोगों को हटाने के लिए मरीन पुलिस भी एनडीआरएफ के साथ हो गई है&period; बंगाल-ओडिशा में बारिश-आंधी शुरू&comma; देखें अभी कहां है तूफान<br &sol;><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>इन 8 राज्यों पर तूफान का सीधा असर साइक्लोन<&sol;strong> <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>यास की वजह से पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले 3 दिन भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है&period; जबकि झारखंड में बुधवार&comma; गुरुवार और शुक्रवार और बिहार के कई इलाकों में गुरुवार को बारिश के आसार हैं&period; मौसम विभाग नेअसम और मेघालय में भी 26-27 मई को कई जगह पर हल्की बारिश की बात कही है&period; इसी तरह दक्षिण में उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है&period;<br &sol;><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>यूपी में भी होगा तूफान का असर<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>भारत मौसम विज्ञान केन्द्र ने 26 व 27 मई&comma; 2021 के दौरान गरज के साथ बिजली चमकने एवं तेज हवा चलने की संभावना जताई है&period; जिसका असर जनपद वाराणसी में भी देखने को मिल सकता है&period; लोगों को आंधी-तूफान&sol;चक्रवात के दौरान अलर्ट रहने के लिए कहा गया है&period; सलाह दी गई है कि यदि आप घर के अन्दर हैं तो बिजली का मेन स्विच व गैस सप्लाई तुरंत बंद कर दें&period; दरवाजे एवं खिड़की बंद रखें&period; इसके अलावा चक्रवात से संबंधित किसी नुकसान की सूचना देने एवं सहायता के लिए 0542-2221937&comma; 2221939&comma; 2221941&comma; 2221942&comma; 2221944 एवं टोल फ्री नंबर-1077 नंबरों पर संपर्क करें&period;<br &sol;>झारखंड में तूफान के मद्देनजर अलर्ट यास &lowbar;फफबतूफान से पूर्वी सिंहभूम&comma; पश्चिमी सिंहभूम&comma; सरायकेला-खरसांवा&comma; गुमला&comma; खूंटी और सिमडेगा के ज्यादा प्रभावित होने की संभावना है&period; इन इलाकों में 90 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक रफ्तार से हवा चलने और कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका है&period; तूफान यास का असर 26-27 मई को ज्यादा पड़ेगा जबकि 28 को इसके धीमा होने की उम्मीद है&period; मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत तूफान से बचाव एवं राहत को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं&period; इसके तहत अस्पतालों में बिजली और ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित नहीं हो इसके लिए पुख्ता व्यवस्था की गई है&period; वहीं&comma; पेड़&comma; खंभे और पोल आदि के गिरने से सड़कों पर आवागमन बाधित नहीं हो&comma; इस बाबत सभी जिलों के उपायुक्त को गिरने वाले पेड़ों को हटाने के लिए पूरी व्यवस्था करने को कहा गया है&period; भारी बारिश के कारण कच्चे घरों को नुकसान पहुंचने की काफी आशंका है&comma; ऐसे में लोगों को रखने के लिए शिविर की व्यवस्था की गई है&period;<br &sol;><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>खतरनाक होगा साइक्लोन &&num;8216&semi;यास&&num;8217&semi;&comma; रेलवे ने पटरी पर जंजीरों से बांधे ट्रेनों के पहिए<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी झारखंड में तूफान के बीच आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी की है&period; कई जिलों में हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है&period;मुश्किल वक्त में उन नंबरों पर फोन कर मदद ली जा सकती है&period; रांची में तूफान के दौरान विधि-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कंट्रोल रूम पूरी तरह से एक्टिव हैं&period; कंट्रोल रूम में मजिस्ट्रेट को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है&period; दुमका विद्युत विभाग यास चक्रवात से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है&period; विद्युत विभाग ने लोगों को अलर्ट किया है कि बिजली के खंभों और तारों से दूर रहें&period; अगर कहीं कोई नुकसान की खबर आती है तो फौरन सूचित करें&period; विभाग ने तीन नंबर भी जारी किए हैं&period; वे नंबर हैं- 9905306663&comma; 7982238951&comma; 8539076988<br &sol;>बिहार में आंधी-बारिश की संभावना बिहरा में 27 से 30 मई तक आंधी&comma; तूफान और भारी बारिश होने की संभावना है&period; मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चक्रवातीय तूफान &&num;8216&semi;यास&&num;8217&semi; के मद्देनजर तैयारियों को लेकर मंगलवार को आपदा प्रबंधन विभाग&comma; संबद्ध विभागों तथा सभी जिलाधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक की&period; इस दौरान सभी को तूफान की स्थिति में एहतियात बरतने तथा सतर्क रहने का निर्देश दिया&period; ऊर्जा&comma; कृषि&comma; स्वास्थ्य&comma; जल संसाधन&comma; लघु जल संसाधन&comma; पथ निर्माण एवं ग्रामीण कार्य विभाग को विषेष रूप से अलर्ट रहने को कहा गया है&period; साथ ही आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है&period;<br &sol;>वहीं पश्चिम बंगाल &&num;8211&semi; ओडिशा में तबाही मचा रहे यास चक्रवात का असर बिहार में दिखने लगा है । राजधानी पटना सहित राज्य के 33 जिलों में मौसम बदल गया है । आसमान में काले बादल हैं । शाम 5 बजे से दक्षिणी &comma; मध्य व पूर्वोत्तर बिहार के कम से कम 18 जिलों में हल्की बारिश हो रही है । मौसम विभाग का अनुमान है कि तूफान की वजह से बिहार में हल्की से माध्यम बारिश ही होगी । इससे नुकसान की आशंका नहीं है । बावजूद इसके राज्य सरकार से लेकर सभी जिलों का प्रशासन अलर्ट है । राज्य भर में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 24 टीमो को अलर्ट मोड़ में रखा गया है। साथ ही 18 स्पेशल ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है ।गंगा • नदी के तटवर्ती 10 जिलों में बुधवार शाम से बूंदाबांदी के साथ हल्की से मध्यम बारिश शुरू हुई है । पटना &comma; वैशाली &comma; गया &comma; नालंदा &comma; मुंगेर &comma; जहानाबाद &comma; अरवल &comma; नवादा &comma; औरंगाबाद &comma; बेगूसराय और भागलपुर में बारिश हो रही है।बक्सर &comma; कैमूर &comma; मुजफ्फरपुर &comma; दरभंगा &comma; सीतामढ़ी और सारणजिलों के कुछहिस्सों में भी बारिश हुई है।इसके अलावा पूर्वी बिहार के पूर्णिया &comma; खगड़िया &comma; अररिया &comma; किशनगंज और कटिहार में बादल छाए । हैं ।पटना में सुबहसे मौसम काफी ठंडा रहा&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>चक्रवाती तूफान यास &&num;8216&semi; के पश्चिम बंगाल- ओडिशा के तट पर टकाराने के कुछ घंटों बाद से ही पटना सहित बिहार के कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गयी &period; पहले दिन बुधवार को राजधानी पटना समेत प्रदेश के कई इलाकों में वर्षा हुई &period; पटना में शाम होते ही मौसम खराब होने लगा और तेज बारिश भी हुई &period; मौसम विभाग के अनुमानों के अनुसार गुरुवार से पटना समेत अन्य इलाकों में तेज बारिश हो सकती है &period; मौसम विज्ञान केंद्र पटना के निदेशक विवेक सिन्हा ने बताया है कि इस तूफान का असर राज्य के सभी जिलों में अगले तीन दिनों तक बना रहेगा &period; चक्रवात के कारण बिहार में 27 से 30 मई तक आंधी &comma; तूफान और भारी बारिश होने की आशंका है । इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग &comma; संबंद्ध विभागों तथा सभी जिलाधिकारियों के साथ ऑनलाईन बैठक कर विशेष निर्देश दिया था । पटना जिला के जिलाधिकारी डॉ &period; चन्द्रशेखर सिंह ने भी चक्रवाती तूफान के मद्देनजर आमलोगों से सतर्क । मोड में रहने की अपील की है&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>बंगाल की खाड़ी में उठा तूफान &OpenCurlyQuote; यास &&num;8216&semi; का बुधवार को बिहार में भी व्यापक असर दिखा । राजधानी समेत राज्य के ज्यादातर जिलों में दिनभर रुक &&num;8211&semi; रुक कर बारिश होती रही तथा यहां का तापमान सामान्य से भी आठ डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया । बारिश का सिलसिला दिनभर जारी रहा तथा देर शाम तक रिमझिम फुहारे पड़ती रही । मौसम विभाग के मुताबिक बृहस्पतिवार को भी दिनभर अच्छी बारिश होगी । इस दौरान &comma; तेज बादल की गरज के साथ वज्रपात की भी घटनाएं हो सकती है । इस तरह की स्थिति 30 मई तक बनी रह सकती है । पटना मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में उठा तूफान बिहार में कई जगहों पर हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई । राजधानी में बुधवार की सुबह से ही काले बादल मंडराने लगे तथा धीरे &&num;8211&semi; धीरे बादलों का घनत्व बढ़ता गया और लगभग 8&colon;30 बजे से रिमझिम बारिश शुरू हो गई है । दिन चढ़ने के साथ इसमें और भी तेजी आती गई तथा शाम होते &&num;8211&semi; होते तो मुसलाधार बारिश शुरू हो गई जो रुक &&num;8211&semi; रुक कर देर शाम तक होती रही । इस दौरान राजधानी में कई जगहों पर सड़क पर पेड़ गिरने की भी खबर है । सड़कों पर &comma; विद्युत पोल पर तथा ट्रांसफार्मर पर पेड़ गिरने से कई मोहल्लों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही । अधीक्षण अभियंता &comma; विद्युत आपूर्ति अंचल पटना एवं सभी संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को पोल &comma; तार अथवा ट्रांसफार्मर के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में अविलंब विद्युत आपूर्ति सुनिश्चत कराने का निर्देश दिया है । तूफान के दौरान मौसम विभाग ने लोगों को घरों से बाहर नही निकलने कि चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने कहा है कि बारिश के दौरान लोग सुरक्षित घरों में &&num;8211&semi; रहें तो बेहतर होगा क्योंकि बारिश के साथ ही कई &&num;8211&semi; जगहों पर वज्रपात की घटनाएं हो सकती है &comma; जो &colon; जानलेवा हो सकता है । मौसम विभाग ने कहा है कि बारिश और वज्रपात के दौरान विशाल पेड़ &comma; बिजली के खंभों या छत की ऊपरी तल पर न रहें । इन जगहों । पर रहना जान &&num;8211&semi; माल के लिए खतरनाक हो सकता है । खुले मैदानों में भी सामूहिक रूप से नहीं रहें । एक जगह पर कहीं भी दो व्यक्ति से ज्यादा खड़े नहीं हों । विदित हो कि मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दी।<&sol;p>&NewLine;

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