बालू लूट की खुली छूट, माफिया बना रहे करोड़ों!

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>रांची&lpar;न्यूज़ क्राइम24&rpar;&colon;<&sol;strong> हाल के दिनों में झारखंड का खनन विभाग काफी सुर्खियां बटोरने में कामयाब हुआ है&period; लौह अयस्क उठाव को लेकर खनन विभाग और उसके सचिव के श्रीनिवासन पर कई तरह के आरोप लगे&period; प्रमाणों से आरोपों को साबित भी किया गया&period; लेकिन विभाग की तरफ से किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गयी&period; जैसा रवैया खनन विभाग का लौह अयस्क को लेकर था&comma; वैसा ही बालू को लेकर है&period; पूरे झारखंड में बालू की लूट मची हुई है&period; लेकिन खनन विभाग हर मामले की तरह इसपर भी चुप्पी साधे हुए है&period; हर जिले में प्रशासन के सामने बालू की लूट मची हुई है&period; लेकिन प्रशासन और जिला खनन पदाधिकारी खामोश बैठे हुए हैं&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>400 में सिर्फ 30 घाटों से बालू उठाव का लाइसेंस&comma; फिर भी बालू की कमी नहीं झारखंड में बालू की खुली लूट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य भर में करीब 400 बालू घाट हैं&period; इन्हीं बालू घाट से बालू का उठाव होना है&period; जबकि इनमें से करीब 370 बालूघाट की निलामी हुई ही नहीं है&period; सिर्फ 30 बालू घाटों से बालू का उठाव होना है&period; जबकि पूरे राज्य में कहीं भी बालू की किल्लत नहीं देखी जा रही है&period; जाहिर तौर पर प्रशासन और खनन विभाग की मिलीभगत से से बालू का उठाव बिना निलामी वाले घाटों से हो रहा है&period; जिसका पैसा सीधा बालू माफिया की जेब में जा रहा है&period; यह खेल करोड़ों में हो रहा है&period; असल सवाल तो यह है कि जब जमीन की लूट हो रही थी&comma; तब सिस्टम क्यों सोया रहा<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>1500 का बालू बिक रहा 2200 रुपए प्रति ट्रैक्टर<br &sol;>बालू कारोबार से जुड़े एक कारोबारी ने बताया कि माफिया के जेब तो भर रहे हैं&period; लेकिन आम जनता पर बोझ बढ़ रहा है&period; अगर विभाग सभी बालू घाटों की निलामी करा देता और बालू का उठाव विभाग को राजस्व देकर किया जाता तो आम जनता तक प्रति ट्रैक्टर 1500 रुपए में बालू पहुंच पाती&period; लेकिन रांची जैसे शहरों में इसकी कीमत 2200-2400 रुपए हो गया है&period; यानी हर ट्रक्टर पर बालू माफिया 500-700 रुपए जनता से ज्यादा ले रहे हैं&period;<&sol;p>&NewLine;

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