पिपरा पंचायत में विश्व कैंसर जागरूकता सप्ताह सह निशुल्क स्वास्थ जांच शिविर का आयोजन

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>अररिया&comma; रंजीत ठाकुर।<&sol;strong> फारबिसगंज प्रखंड अंतर्गत पीपरा पंचायत वार्ड न 09 यादव टोला में विश्व कैंसर जागरूकता सप्ताह एवं निशुल्क स्वास्थ्य जाॅच शिविर का आयोजन बी भी एच ए पटना&comma; जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज&comma; जिला स्वास्थ्य समिति अररिया&comma; एस एम एफ जी फारबिसगंज के संयुक्त तत्वावधान मे किया गया&comma; जिसमें ग्रामीण क्षेत्र के जनमानस को कैंसर को लेकर जागरूकता अभियान किया गया तथा 82 लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य जाॅच कर दवाई दिया गया । <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डा मुखतार आलम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में लोगों के स्वास्थ को लेकर आयोजित इस तरह के कार्यक्रम से जागरूकता बढ़ेगी&comma; कैंसर पीड़ित को लेकर लोगों के मन में जो दुर्भावना रहती है वह दूर होगा।कैंसर विश्वभर में मृत्यु का दूसरा प्रमुख कारण है। जागरण कल्याण भारती के अध्यक्ष संजय कुमार ने कैंसर के बारे में जानकारी देते हुए कहा कैंसर एक गंभीर रोग है जो अनियंत्रित रूप से व्यक्ति के शरीर के अंगों या ऊतकों के अत्यधिक विकास के कारण होता है। यह रोग शरीर के किसी भी हिस्से में विकसित हो सकता है और इसका इलाज चिकित्सा परीक्षण&comma; उपचार और नियंत्रण की सहायता से किया जा सकता है।<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>कैंसर क्यों होता है&quest;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कैंसर का कारण अनियंत्रित रूप से शरीर के सेल्स के विकास और विस्तार में अव्यवस्था होना होता है। यह विकास एक सेल या समूह की अनियंत्रित वृद्धि की रूप में हो सकता है&comma; जिसका परिणाम कैंसर होता है। इसमें अनेक कारण शामिल हो सकते हैं जैसे कि जीवाणुओं&comma; वायरस&comma; या आनुवंशिक गलतियों के कारण। शराब पीना&comma; धूम्रपान करना&comma; अव्यस्थित आहार और जीवनशैली भी बढ़ा सकते हैं।<br>कैंसर की पहचान कैसे करें&quest; कैंसर की पहचान के लिए कुछ <&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सामान्य लक्षण शामिल हो सकते हैं जैसे&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>अजीब या अनियमित गांठों का उत्पन्न होना<br>अकारण वजन घटना या बढ़ना<br>आंत्र या मूत्राशय की आदतों में परिवर्तन<br>लगातार खांसी या आवाज बैठ जाना<br>नियमित बुखार या सामान्य अस्वस्थता<br>लंबे समय तक चिकित्सा और ठंडे या सूखे खांसी का बना रहना कैंसर की पहचान में सबसे महत्वपूर्ण होता है कि व्यक्ति अपने शरीर की बदलावों का ध्यान रखे और समय रहते चिकित्सा परीक्षण के लिए जाए। जल्दी चिकित्सा आवश्यक हो सकती है&comma; ताकि रोग को नियंत्रित किया जा सके।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सर्वाइकल कैंसर की जानकारी&colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>सर्वाइकल कैंसर क्या है&quest;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के गर्भमुंड के भाग में होने वाला कैंसर होता है। यह एक सामान्य और गंभीर समस्या है जो महिलाओं में पायी जाती है। यह अधिकतर अविकसित या कार्किनोजेनिक हुमन पैपिलोमा वायरस &lpar;HPV&rpar; के कारण होता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br><strong>सर्वाइकल कैंसर क्यों होता है&quest;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><br>सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण होता है HPV संक्रमण&comma; जो सेक्सुअल संपर्क के माध्यम से हो सकता है। अन्य कारकों में अधिक बच्चों का जन्म&comma; धूम्रपान&comma; अधिकतम गर्भावस्था&comma; और शारीरिक परिवर्तन शामिल हो सकते हैं।<br>सर्वाइकल कैंसर की पहचान कैसे करें&quest; सर्वाइकल कैंसर के लक्षणों में शामिल हो सकते हैं&colon;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<ul class&equals;"wp-block-list">&NewLine;<li>योनि से असामान्य रक्तस्राव या स्राव<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>योनि में खुजली या दर्द होना<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>योनि से असामान्य गंध आना<&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>लगातार पीठ या पेट में दर्द रहना<br>सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित योनि के स्वास्थ्य परीक्षण&comma; HPV वैक्सीनेशन&comma; स्वस्थ जीवनशैली&comma; और समय समय पर चिकित्सा परीक्षण की आवश्यकता होती है।जीवनशैली की कुछ गड़बड़ आदतें जैसे धूम्रपान-शराब का सेवन&comma; सूरज के अत्यधिक संपर्क में रहना&comma; मोटापा और असुरक्षित यौन संबंध कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। मुख्यरूप से कैंसर के कारण थकान&comma; अस्पष्टीकृत वजन कम होने की समस्या&comma; त्वचा में परिवर्तन जैसे त्वचा का पीला या काला पड़ना&comma; निगलने में कठिनाई&comma; अस्पष्टीकृत रक्तस्राव की समस्या कैंसर का संकेत हो सकती है। <&sol;li>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<li>अगर आपके शरीर में कहीं भी असामान्य तरीके से गांठ महसूस हो रही है तो इसकी समय रहते जांच जरूर कराएं।कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ जी के सिंह&comma; डा मुख्तार आलम &comma; नरेश कुमार&comma; सरोज कुमार यादव&comma; दीपक कुमार पासवान&comma; सचिन कुमार यादव&comma; उमेश मंडल &comma; रोशन कुमार&comma;ए एन एम &comma; अंजना कुमारी &comma;बेबी कुमारी&comma; सुनीता देवी&comma;आशा देवी &comma; बबलू कुमार साह &comma; मिथलेश कुमार यादव &comma; मो नर्ईम की महत्वपूर्ण भूमिका रही&comma; ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिला।<&sol;li>&NewLine;<&sol;ul>&NewLine;

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