जिले के सभी प्रखंडों में 01-07 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा “विश्व स्तनपान सप्ताह”

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>पूर्णिया&comma; &lpar;न्यूज़ क्राइम 24&rpar;<&sol;strong> नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी लाने&comma; शिशुओं के समुचित शारीरिक&comma; मानसिक विकास&comma; कुपोषण से बचाव तथा माताओं के स्वास्थ्य में सुधार लाने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 01-07 अगस्त तक &&num;8220&semi;विश्व स्तनपान सप्ताह&&num;8221&semi; मनाया जाता है। इस क्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय&comma; भारत सरकार द्वारा वर्ष 2026 में 01 से 07 अगस्त तक समेकित बाल विकास सेवाएँ निदेशालय एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सहयोग से 01 से 07 अगस्त तक जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में &&num;8220&semi;विश्व स्तनपान सप्ताह&&num;8221&semi; आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। वर्ष 2026 में विश्व स्तनपान सप्ताह का थीम &&num;8220&semi;जीवन की टिकाऊ शुरुआत के लिए स्तनपान&comma; जो तरीका कारगर है उसे और मज़बूत बनाएं&&num;8221&semi; रखा गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>वर्तमान परिवेश में बच्चों को जन्म के बाद से ही पॉकेट वाले दूध पिलाना शुरू कर दिया जाता है और छः माह के भीतर ही बच्चों को अन्य अतिरिक्त आहार भी खिलाया जाता है जो बच्चों के विकास के लिए बाधक बन जाता है। छः माह से पहले अतिरिक्त आहार से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है जिससे उनके ज्यादा बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए बच्चों को बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए उन्हें छः माह तक केवल स्तनपान और दो साल तक अतिरिक्त आहार के साथ स्तनपान अवश्य कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा नवजात शिशुओं के परिजनों को प्रेरित करने का निर्देश दिया गया है जिससे कि नवजात शिशु बिल्कुल स्वस्थ्य और सुरक्षित रह सकें।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>गंभीर रोगों से बचाव करता है माँ का दूध &colon; <&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया ने बताया कि माँ का दूध जहाँ शिशु को शारीरिक व मानसिक विकास प्रदान करता वहीं उसे डायरिया&comma; निमोनिया और कुपोषण जैसी जानलेवा बीमारियों से बचाता भी है। जन्म के एक घंटे के भीतर नवजात को स्तनपान शुरू कराने से शिशु मृत्यु दर में 20 प्रतिशत तक की कमी लायी जा सकती है। छह माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराने से दस्त और निमोनिया के खतरे में क्रमशः 11 प्रतिशत और 15 प्रतिशत कमी लायी जा सकती है। अधिक समय तक स्तनपान करने वाले बच्चों की बुद्धि उन बच्चों की अपेक्षा तीन पॉइंट अधिक होती है&comma; जिन्हें माँ का दूध थोड़े समय के लिए मिलता। इसके अलावा स्तनपान स्तन कैंसर से होने वाली मौत को भी कम करता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>माता-पिता की जागरूकता है जरूरी &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार कनौजिया ने कहा कि स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए माता के साथ पिता की जागरूकता आवश्यक है। स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए अभिभावकों का सशक्तीकरण एक गतिविधि नहीं बल्कि एक ऐसी प्रक्रिया है जो प्रसव पूर्व जांच के दौरान और शिशु के जन्म के समय अवश्य प्रदान की जानी चाहिए। माँ बच्चे को नियमित रूप से स्तनपान तभी कराती जब उसे एक सक्षम माहौल और पिता&comma; परिवार के साथ समुदायों से आवश्यक सहयोग प्राप्त होता है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>शिशु एवं बाल मृत्यु दर में कमी के लिए आवश्यक है &&num;8220&semi;माँ का दूध&&num;8221&semi; &colon;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में विश्व स्तनपान सप्ताह के सफल आयोजित करने का नोडल पदाधिकारी जिला योजना समन्वयक &lpar;डीपीसी&rpar; को रखा गया है। जिला योजना समन्यवक &lpar;डीपीसी&rpar; डॉ सुधांशु शेखर ने कहा कि विश्व स्तनपान सप्ताह के सफल आयोजन करने के लिए सभी प्रखंड में कार्यशाला&sol;हेल्दी बेबी शो का आयोजन किया जाएगा। सभी स्वास्थ्य संस्थानों को डिब्बा बंद दूध एवं बोतल तथा निपल मुक्त परिसर घोषित किया गया है। प्रसव केंद्र पर कार्यरत एएनएम&sol;स्टॉफ नर्स&sol;ममता का स्तनपान से होने वाले लाभ एवं डिब्बा बंद दूध तथा बोतल एवं निपल के प्रयोग से होने वाले नुकसान के संबंध में उन्मुखीकरण किया जाएगा। प्रसव केंद्र पर पोस्ट नेटल वार्ड की इंचार्ज सिस्टर को विश्व स्तनपान सप्ताह हेतु उस संस्थान का नोडल पर्सन घोषित किया जाएगा। विश्व स्तनपान सप्ताह &&num;8211&semi; 2026 के अवसर पर कार्यरत सभी स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा एक साथ स्तनपान सप्ताह का समर्थन करने का संकल्प किया गया है।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>के&period;नगर प्रखंड के बीएचएम विभव कुमार ने बताया कि स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से आवश्यक प्रचार-प्रसार आयोजित किया जाएगा। आंगनवाड़ी सेविका एवं आशा कर्मियों द्वारा अगस्त माह में होने वाले भीएचएसएनडी में सभी 02 वर्ष तक के बच्चों की माताओं को निमंत्रित करते हुए इन्फेंट एंड यंग चाईल्ड फीडिंग के अभ्यासों एवं उनके बच्चों के पोषण स्तर में हुए सुधार के आधार पर चिन्हित माताओं का प्रशंसा किया जाएगा। विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान माँ कार्यक्रम के अनुसार प्रत्येक आशा&comma; गर्भवती एवं धात्री माताओं के साथ बैठक कर स्तनपान से होने वाले लाभ व स्तनपान के सही तरीके के संबंध में आवश्यक चर्चा करेंगी जिससे कि माँ और शिशु बिल्कुल स्वास्थ्य और सुरक्षित रहे।<&sol;p>&NewLine;

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