पटना एम्स में रेडिएशन ऑनकोलॉजी पर कार्यशाला

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारी शरीफ&comma; अजीत यादव।<&sol;strong> गुरुवार 1 फरवरी को रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग&comma; एम्स-पटना के स्थापना दिवस के अवसर पर एम्स-पटना के कार्यकारी निदेशक डॉ&period; &lpar;प्रोफेसर&rpar; जी&period; के&period; पाल सर के मार्गदर्शन में एम्स-पटना के सभागार में रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग द्वारा एक सीएमई का आयोजन किया गया&period;सीएमई का थीम &&num;8220&semi;प्रौद्योगिकी में प्रगति के साथ परिवर्तन को अपनाना- आगे बढ़ने का रखा&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम की शुरुआत डॉ&period; प्रीतांजलि सिंह के स्वागत भाषण और गणमान्य अतिथियों के स्वागत के साथ हुई&period; रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग की प्रमुख प्रोफेसर &lpar;डॉ&period;&rpar; प्रीतांजलि सिंह ने रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग का अवलोकन प्रस्तुत किया&period; उन्होंने बताया कि एम्स पटना में विकिरण ऑन्कोलॉजी विभाग दो उच्च लीनियर एक्सेलरेटर&comma; एक ब्रेकी थेरेपी इकाई&comma; एक सीटी सिम्युलेटर और सक्रिय श्वास नियंत्रण उपकरणों से सुसज्जित है&period; स्थापना दिवस भाषण हमारे मुख्य अतिथि डॉ&period; जी&period; के&period; रथ द वारा कैंसर के प्रबंधन में प्रौद्योगिकी की प्रगति किया गया&period; उन्होंने भारत में ऑन्कोलॉजी की प्रगति की समस्याओं और रुझानों और नई पीढ़ी के लिनैक की भूमिका के बारे में जानकारी दी&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ&period; नीलेश मणि &lpar;सहायक प्रोफेसर&rpar; ने एम्स-पटना के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग का ऑडिट प्रस्तुत किया&comma; जिसमें 2023 में ओपीडी में 25873 मरीजों को परामर्श दिया गया और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग में 3058 नए कैंसर रोगी पंजीकृत हैं&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के डॉ&period; हरिकेश बहादुर सिंह &lpar;सहायक प्रोफेसर&rpar; ने रेडियोथेरेपी में एक्टिव ब्रेडथ को-ऑर्डिनेटर &lpar;एबीसी&rpar; के अनुप्रयोग के बारे में बताया&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ&period; इंद्रनील मल्लिक &lpar;वरिष्ठ सलाहकार&rpar; रेडिएशन ऑन्कोलॉजी टीएमसी&comma; कोलकाता ने ऑन्कोलॉजी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका प्रस्तुत की&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>डॉ&period; अजीत कुमार गांधी &lpar;अतिरिक्त प्रोफेसर&rpar; आरएमएल लखनऊ ने गाइनी ऑन्कोलॉजी में प्रगति और इसके प्रबंधन में ब्रैकीथेरेपी के महत्व पर व्याख्यान दिया&period;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>मुख्य अतिथि डॉ&period; जी&period; के&period; रथ&comma; पूर्व प्रमुख डा&period; बी&period; आर&period; अम्बेडकर इंस्टीट्यूट रोटरी हॉस्पिटल और हेड एनसीआई झाझर &lpar;एम्स&comma; दिल्ली&rpar;&comma; डॉ&period; बी&period; सान्याल&comma; महावीर कैंसर संस्थान&comma; डॉ&period; जे&period; के&period; सिंह&comma; एस&period; एस&period; हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर&comma; पटना&comma; डॉ&period; सी&period; एम&period; सिंह&comma; डीन &lpar;अकादमिक&rpar;&comma; एम्स पटना&comma; डॉ&period; अनुप कुमार&comma; चिकित्सा अधीक्षक&comma; एम्स पटना&comma; डॉ&period; प्रेम कुमार&comma; &lpar;डीन रिसर्च&rpar;&comma; एम्स पटना थे&period; प्रमुख ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ&period; पी&period; एन&period; पंडित&comma; डॉ&period; राजीव रंजन&comma; डॉ&period; मनीषा सिंह&comma; डॉ&period; विनीता त्रिवेदी&comma; डॉ&period; ऋचा माधवानी&comma; डॉ&period; सुबाष कुमार&comma; डॉ&period; स्नेहा झा&comma; डॉ&period; राजेश क्र&period; सिंह&comma; डॉ&period; अनीता सिंह&comma; डॉ&period; ऋचा चौहान इस अवसर की शोभा बढ़ा रहे थे&period;<&sol;p>&NewLine;

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