अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पूर्व एम्स पटना में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम को लेकर कार्यशाला

&NewLine;<p><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p><strong>फुलवारीशरीफ&comma; अजित<&sol;strong>। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से एक दिन पूर्व एम्स पटना में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम विषय पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया&period; यह कार्यक्रम 7 मार्च 2026 को एम्स पटना की आंतरिक शिकायत समिति &lpar;आईसीसी&rpar; के तत्वावधान में आयोजित किया गया&comma; जिसका उद्देश्य कार्यस्थल की सुरक्षा&comma; लैंगिक संवेदनशीलता तथा सम्मानजनक और समावेशी कार्य वातावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यक्रम का आयोजन कार्यकारी निदेशक प्रो&period; &lpar;ब्रिग&period;&rpar; डॉ&period; राजू अग्रवाल की अनुमति और मार्गदर्शन में किया गया&period; कार्यक्रम की शुरुआत आंतरिक शिकायत समिति की अध्यक्ष प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; प्रितांजली सिंह के स्वागत भाषण से हुई&period; उन्होंने सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करने में जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यशाला में कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे&comma; जिनमें प्रो&period; डॉ&period; उमेश भदानी &lpar;प्रभारी कार्यकारी निदेशक&comma; एम्स पटना&rpar;&comma; डॉ&period; संजय पांडेय &lpar;प्रभारी डीन अकादमिक एवं डीन रिसर्च&rpar;&comma; डॉ&period; अमित राज &lpar;प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक&rpar;&comma; डॉ&period; रथीश नायर &lpar;प्राचार्य&comma; कॉलेज ऑफ नर्सिंग&rpar;&comma; सुश्री अंजू तालुकदार &lpar;रिसोर्स फैकल्टी एवं &OpenCurlyDoubleQuote;द राइट्स मिशन” की संस्थापक ट्रस्टी&rpar; तथा शिंदू देव &lpar;आईसीसी सदस्य&rpar; शामिल थे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>इंटरैक्टिव सत्र के दौरान वक्ताओं ने &OpenCurlyDoubleQuote;कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न &lpar;निवारण&comma; निषेध और प्रतितोष&rpar; अधिनियम&comma; 2013” यानी पॉश &lpar;POSH&rpar; अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी&period; इसमें अनुचित व्यवहार की पहचान&comma; शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा संस्थागत स्तर पर शिकायतों के प्रभावी और संवेदनशील समाधान पर चर्चा की गई। इस अवसर पर प्रो&period; &lpar;डॉ&period;&rpar; प्रितांजली सिंह ने संस्थान की ओर से सुरक्षित&comma; सम्मानजनक और उत्पीड़न मुक्त कार्यस्थल बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई&period; वक्ताओं ने कहा कि सुरक्षित और सहयोगपूर्ण कार्य वातावरण गरिमा&comma; समानता और बेहतर कार्यक्षमता के लिए आवश्यक है&period;<br><&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>कार्यशाला में संकाय सदस्यों&comma; कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और चर्चा में सक्रिय भागीदारी करते हुए सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य संस्कृति बनाने के अपने विचार साझा किए&period; कार्यक्रम का समापन आईसीसी सदस्य प्रो&period; डॉ&period; मुक्ता अग्रवाल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।<&sol;p>&NewLine;

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